श्रमिकों के मुद्दों पर 17 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा भारतीय मजदूर संघ

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झांसी। भारतीय मजदूर संघ (BMS) की केंद्रीय कार्यकारिणी (KKS) ने केंद्र सरकार से श्रमिकों की लंबित समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग करते हुए 17 अगस्त को “श्रमिक मांग दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर पूरे देश के सभी जिला मुख्यालयों, राज्य मुख्यालयों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

यह जानकारी देते हुए बीएमएस के जिला संगठन मंत्री राजेश कुमार ठकुरानी ने बताया कि प्रमुख मांगें निम्न हैं।न्यूनतम पेंशन ₹1000 से बढ़ाकर ₹7500 की जाए तथा महंगाई भत्ता (VDA) जोड़ा जाए। भारत योजना के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। EPF और बोनस की वेतन सीमा समाप्त की जाए। ग्रेच्युटी भुगतान हेतु आवश्यक सेवा अवधि 5 वर्ष से घटाकर 30 दिन की जाए। पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए। मानदेय कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। संविदा श्रमिकों को न्यूनतम वेतन तथा वेतन वृद्धि का लाभ मिले। बैंकों में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए। हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (HEC), रांची के कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान किया जाए। 23 राष्ट्रीय स्तर के श्रम कानूनों को निरस्त करने वाले चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) को राज्यों में लागू करने की प्रक्रिया रोकी जाए। श्रम संहिताओं में श्रमिक-विरोधी प्रावधानों में संशोधन किया जाए।
इन सभी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री तथा श्रम मंत्री को जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।

केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक
भारतीय मजदूर संघ की 161वीं केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक 26 से 28 जुलाई 2026 तक रांची में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनिल मल्लेशम ने की तथा 32 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा अपनाए गए “डिसेंट वर्क ऑन द प्लेटफॉर्म इकोनॉमी” सम्मेलन की पुष्टि का स्वागत किया गया। BMS ने इसे त्रिपक्षीय (सरकार-नियोक्ता-श्रमिक) मॉडल की सफलता बताया और श्रमिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार एवं नुक्कड़ सभाएँ आयोजित करने का निर्णय लिया।

BRICS ट्रेड यूनियन फोरम पर विचार
केंद्रीय कार्यकारिणी ने BRICS ट्रेड यूनियन फोरम की सफल बैठक तथा “हैदराबाद घोषणा” को अपनाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही निम्नलिखित विषयों पर संयुक्त कार्य जारी रखने का निर्णय लिया गया:

मानव-केंद्रित प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
“महिलाएँ और कार्य का भविष्य”
“सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा”
इन विषयों पर BRICS देशों की सरकारों को सुझाव देने के लिए गहन अध्ययन किया जाएगा।

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