दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर विवाहिता की हत्या का आरोप
झांसी। पति ने खाया ज़हर पत्नी फंदे पर झूली प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। थाना बबीना पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के मामले में पति सहित पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
यह मुकदमा मृतका के भाई विकास राठौर निवासी बालागंज, थाना ठाकुरगंज, जनपद लखनऊ की तहरीर पर दर्ज हुआ है। इसमें आरोप लगाया गया है कि उसकी बहन को ससुराल पक्ष द्वारा लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि इसी प्रताड़ना के चलते उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने मामले मृतका के पति, जेठ, सास, ससुर मृतका की ननद को नामजद किया है। थाना बबीना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बबीना थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलीपुरा निवासी सागर साहू (32) का विवाह लखनऊ की राधा राठौर (30) से 25 नवंबर 25 में हुआ था, किंतु उनके गृहस्थ जीवन में कलह शुरू हो गया। सोमवार रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। क्षुब्ध होकर सागर ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ी तो सागर घबरा गया और परिजनों से बचाने की गुहार लगाई। परिजन उसे बबीना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
परिजन उपचार हेतु सागर को मेडिकल कॉलेज लेकर जा रहे थे तभी पता चला कि राधा कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर उससे लटक गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राधा को फंदे से उतार कर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शुरू हुआ नया विवाद
पोस्टमार्टम के बाद ससुराल पक्ष राधा के शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गया. इसी दौरान मायके पक्ष भी वहां पहुंच गया और अंतिम संस्कार रुकवा दिया. परिजनों ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि दहेज के लिए की गई हत्या है. उनका कहना था कि पुलिस पहले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करे, तभी अंतिम संस्कार होने दिया जाएगा. देखते ही देखते श्मशान घाट पर तनावपूर्ण माहौल बन गया. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैनात कर दिया गया था । रातभर पुलिस मौके पर रही और दोनों पक्षों से लगातार बातचीत करती रही थी।
मायके पक्ष का आरोप- 10 लाख रुपये की हो रही थी मांग
मृतका के मामा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही पति, ससुर, देवर और अन्य परिजन 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. पैसे न देने पर राधा को लगातार प्रताड़ित किया जाता था. उनका कहना है कि घटना से एक दिन पहले भी फोन कर कहा गया था कि या तो 10 लाख रुपये की व्यवस्था करो, नहीं तो लड़की को तलाक देकर वापस भेज देंगे।
आरोप है कि राधा की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या का लगे. उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई और उनके पहुंचने से पहले अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर ली गई थी. मायके पक्ष ने पति, सास, ससुर, देवर समेत अन्य लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए साफ कहा कि न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे।
श्मशान घाट पर न्याय की मांग पर अड़े रहे परिजन तब हुई रिपोर्ट
उधर, मृतका के मायके पक्ष ने झांसी पहुंचकर सीधे श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार रुकवा दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाए इसी कारण पुलिस को पूरी रात श्मशान घाट डटे रहना पड़ा। इस दौरान मृतका के भाई द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया और विधिक प्रक्रिया पूरी कर अंतिम संस्कार कराया गया।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
फिलहाल पुलिस प्रथम दृष्टया पूरे मामले की पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मजिस्ट्रेटी जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या दहेज हत्या का।














