
कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने वीडियो जारी कर निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
6.50 करोड़ की लागत से संवारा गया टीकमगढ़ स्टेशन, पहली बारिश में ही खुली निर्माण कार्य की पोल
झांसी/टीकमगढ़। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 6.50 करोड़ रुपये की लागत से संवारे गए उमरे झांसी मंडल के टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन की निर्माण गुणवत्ता पर पहली ही बारिश ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-1 के शेड से पानी का झरना निकलने का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे के निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन का उद्घाटन 17 जुलाई को भव्य समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव व उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने किया था। इस दौरान झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार समेत रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे थे।
उद्घाटन के महज करीब 25 दिन बाद ही पहली बारिश में स्टेशन के प्लेटफॉर्म शेड से पानी रिसने लगा। यात्रियों के बैठने वाले हिस्से के ऊपर से पानी बहने का वीडियो सामने आने के बाद करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लोगों ने सवाल खड़े करना शुरू कर दिए हैं।
इस मामले का वीडियो टीकमगढ़ के कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला ने जारी कर स्टेशन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। विधायक ने वीडियो के माध्यम से सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।
इस हकीकत से सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए स्टेशन का शेड उद्घाटन के चंद दिनों बाद ही बारिश का पानी रोकने में क्यों नाकाम हो गया? क्या निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की सही तरीके से जांच की गई थी?
अब देखना यह है कि रेलवे इस मामले में केवल मरम्मत तक सीमित रहता है या 6.50 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर जिम्मेदारी भी तय करता है।













