आरपीएफ द्वारा स्टेशन मास्टर का एक और भतीजे को दबोच कर जेल भेजा
झांसी। आरपीएफ स्टेशन पोस्ट द्वारा डीज़ल चोरी प्रकरण में करारी स्टेशन मास्टर चन्द्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क के अहम किरदार उसके एक और भतीजे अभिषेक को भी मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। अब आरपीएफ के निशाने पर इस नेटवर्क में शामिल विभागीय ब्लैक सीप व पुराने डीजल चोर भी हैं।
गौरतलब है कि आरपीएफ ने 6 अगस्त को तेल चोरी के मामले में सबसे पहले स्टेशन मास्टर के भतीजे शैलेन्द्र की गिरफ्तारी की थी, जिसके बाद ही इस नेटवर्क के सारे तार जुड़ते चले गये। शैलेन्द्र की गिरफ्तारी के बाद ही आरोपी स्टेशन मास्टर का नाम सामने आया था। इसके बाद आरपीएफ ने स्टेशन मास्टर को जेल भेजा, इससे मिलीं अहम जानकारियों के साथ दूसरे भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पहले पकड़े गए गैंग के सदस्यों से पूछताछ में पूरे गैंग के नाम खुलकर सामने आये थे।
गौरतलब है कि जब आरपीएफ स्टेशन पोस्ट की कमान इंस्पेक्टर योगेश राणा ने संभाली तो उनके सामने डीजल चोरी का प्रकरण आया था। इस मामले को उन्होंने चुनौती के रूप में लेते हुए कार्यवाही की गई। जब कुछ गिरफ्तारियां हुई तो कड़ियाँ जुड़ने पर स्टेशन मास्टर करारी व उसके रिश्तेदारों के साथ कुछ और के नाम सामने आये।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर ने वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जितेंद्र कुमार शर्मा को जानकारी देकर उनके निर्देशन में गोपनीय टीम बनाई। इसमें एसआइ अंकित कुमार, उमा यादव, उपेन्द्र, केपी तोमर समेत अन्य पुलिसवालों को शामिल करने के बाद पूरे डीजल चोरी के नेटवर्क को उजागर कर दिया। हालांकि स्टेशन मास्टर को गिरफ्तारी से बचाने के लिए दवाब भी बनाया गया, किंतु उन्होंने इसकी परवाह नहीं कर गिरफ्तारियां कीं और स्टेशन मास्टर व भतीजों की गैंग का पर्दाफाश कर दिया।














