ट्रेन के इंजन के सामने तलवार लेकर कूदा निहंग, बोला-ट्रेन आगे नहीं बढ़ने दूंगा

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लोको पायलट व यात्री रहे दहशत में, दो सिखों ने समझा कर कराया शांत

झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात उस वक्त सनसनी फ़ैल गई, जब एक निहंग हाथ में तलवार लेकर अचानक प्लेटफार्म से दूरंतो एक्सप्रेस के इंजन के सामने पटरी पर कूद गया। निहंग को ट्रैक पर देखते ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। इसके बाद निहंग करीब 10 मिनट तक तलवार लेकर पटरी के बीच खड़ा रहा। दहशत के बीच रेलवे स्टाफ ने उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन वह तलवार लहरा कर उन्हें डराते हुए पीछे हटाता रहा। यह देख कर ट्रेन में सवार दो सिख यात्रियों ने उससे बातचीत की और समझाकर उसे ट्रैक से हटाया। इसके बाद दूरंतो एक्सप्रेस को सिकंदराबाद के लिए रवाना किया गया।

ट्रेन नंबर 12286 हजरत निजामुद्दीन-सिकंदराबाद दूरंतो एक्सप्रेस शुक्रवार हजरत निजामुद्दीन से चल कर रात करीब 8:42 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुक ही रही थी, तभी अचानक हाथ में तलवार लिए निहंग सिख इंजन के सामने पटरी पर कूद गया। लोको पायलट ने उसे देखते ही ब्रेक लगा दिए।

ट्रेन रुकने के बाद निहंग पटरी पर ही खड़ा नंगली तलवार लहराता रहा इससे प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री सहम गए। रेलवे कर्मचारियों ने उसे ट्रैक से हटने के लिए कहा, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। वह तलवार लहराता रहा और लोको पायलट से ट्रेन आगे नहीं बढ़ाने के लिए कहता रहा। निहंग का रोद्र रूप देख कर स्टाफ ने सुरक्षित दूरी बनाकर उसे समझाने की कोशिश की, किंतु वह लोगों को तलवार दिखाकर पीछे हटने के लिए कह देता था।

हंगामा बढ़ता देख ट्रेन में सवार दो सिख यात्री निहंग के पास पहुंचे। दोनों ने उससे बातचीत शुरू की और उसे समझाकर प्लेटफॉर्म पर आने के लिए कहा। काफी देर समझाने के बाद वह ट्रैक से ऊपर आया, लेकिन कुछ देर बाद फिर पटरी के बीच जाकर खड़ा हो गया। दोनों यात्री लगातार उससे बातचीत करते रहे और उसे शांत कराया। आखिरकार निहंग उनकी बात मानकर ट्रैक से हटकर प्लेटफॉर्म पर आ गया। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने राहत की सांस ली और ट्रेन को आगे रवाना कर दिया।बताया जा रहा है कि हंगामा करने वाला निहंग भी इसी दूरंतो एक्सप्रेस में सवार था। उसके ट्रैक से हटने के बाद ट्रेन सिकंदराबाद के लिए रवाना हो गई।

आरपीएफ/जीआरपी की 24 घंटे चौकस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे

इस घटनाक्रम का सबसे अहम पहलू यह रहा कि दस मिनट तक निहंग ट्रेन को रोक कर तलवार लहराते दहशत फैलाता रहा, किंतु कथित रूप से 24 घंटे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था में चौकन्ना रहने वाली आरपीएफ व जीआरपी का कोई सिपाही तक नहीं पहुंचा। ट्रेन के स्टेशन से निकलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे। अब आरपीएफ स्टेशन/प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर निहंग की पहचान करने में जुटी है।

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