प्लेटफॉर्म पर घसीटते हुए थाने ले गए, जांच समिति बोली- RPF कर्मी पद की गरिमा भूले
आगरा संवाद सूत्र। उमरे के आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के दो सब इंस्पेक्टर समेत चार कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। विभागीय जांच के बाद तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए रेलवे मुख्यालय भेज दी है।
जांच में दोषी पाए गए लोगों ने प्लेटफॉर्म नंबर एक पर Dip SS के साथ मारपीट की। फिर उन्हें जमीन पर घसीटकर थाने ले गए थे। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आरपीएफ कर्मचारियों ने अपने पद और गरिमा का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर डीएसएम के साथ मारपीट की।
गौरतलब है कि 12 जुलाई को एक महिला यात्री को ट्रेन रोक कर चढ़ाने पर Dip SS नरेंद्र सिंह चाहर से आरपीएफ टीम ने मारपीट की थी। इसके बाद DSS की पत्नी हरेंद्री चाहर ने कहा था अगर दोषी RPF जवानों को बर्खास्त नहीं किया गया, उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई तो मैं जान दे दूंगी।
आगरा, मथुरा, झांसी समेत 30 शहरों में रेलकर्मियों ने RPF के खिलाफ प्रदर्शन किया था। आगरा में 1000 से ज्यादा रेल कर्मचारी सड़क पर उतर आए थे। इसके बाद आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर मेघराज मीणा और बाल किशन तथा कांस्टेबल जितेंद्र व बदन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। चारों को निलंबित करते हुए उनका स्थानांतरण भी कर दिया गया था। साथ ही एक 3 सदस्यीय टीम गठित की गई थी।
32 प्रत्यक्षदर्शी के बयान, 35 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
इस मामले में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक कुलदीप मीना की निगरानी में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति ने मामले से जुड़े 32 अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इनमें घटना से संबंधित महिला यात्री का बयान भी शामिल था।
जांच समिति ने स्टेशन पर लगे 35 CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसके बाद घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई। समिति ने SI मेघराज मीणा, बाल किशन और दो कांस्टेबल जितेंद्र व बदन को दोषी माना। जांच रिपोर्ट में समिति ने टिप्पणी की है कि आरपीएफ कर्मियों ने अपने पद और गरिमा का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर डीएसएम की पिटाई की।
समिति के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच में चारों आरपीएफ कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। अब मुख्यालय स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
12 जुलाई को RPF जवानों ने रेलवे अफसर से मारपीट की थी
दरअसल, कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को ट्रेन रोकने को लेकर रेलवे पुलिस बल (RPF) और डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (Dip SS) के बीच विवाद हो गया था। एक महिला यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ पाई थी। DSS नरेंद्र चाहर ने उसकी मदद के लिए ट्रेन रुकवा दी। RPF जवानों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में पकड़ लिया।
इसका नरेंद्र चाहर ने विरोध किया तो RPF जवानों ने मारपीट शुरू कर दी। उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटते हुए ले गए। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया था। वीडियो सामने के बाद रेलवे कर्मचारियों भड़क गए। कोटा, झांसी, दिल्ली सहित देश के कई शहरों से रेलवे कर्मचारी आगरा पहुंचने लगे।
रेलवे कर्मचारियों की मांग है कि दोषियों की गिरफ्तारी हो। उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाए। इस बीच आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन और कॉन्स्टेबल बदन सिंह, जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया था।














