झांसी। छ वर्ष पूर्व छेड़खानी की घटना से क्षुब्ध पीड़िता द्वारा आत्महत्या का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश एफ टी सी शरद कुमार चौधरी की अदालत ने चार वर्ष का कारावास और पंद्रह हजार रुपए अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय पांडे ने बताया कि 25 मार्च 19 को एक व्यक्ति ने बड़ागांव थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी पुत्री के साथ ग्राम लिधौरा निवासी उमाकांत ने रास्ते में रोक कर छेड़खानी की विरोध करने पर उमाकांत ने उसे जान से मारने की धमकी दी। जिससे प्रताड़ित होकर उसकी पुत्री ने खुद को घर ने कैद कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराते हुए शव परिजनों को सौंप कर आरोपी उमाकांत को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान आज आरोपी पर घटना का दोष सिद्ध हो गया। न्यायलय ने आरोपी उमाकांत को धारा 354 में तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 306 में चार वर्ष का कारावास ओर दस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया है।














