झांसी मंडल का पर्यावरण संकल्प: 38.77 लाख पौधों से बदली रेलखंडों की सूरत
झांसी रेल मंडल ने 503 हेक्टेयर में किया सघन वृक्षारोपण
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण संवर्धन और सतत विकास के प्रति अपनी कटिबद्धता को धरातल पर उतारते हुए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 2 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, इसमें वर्तमान वर्ष में एक करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को वर्तमान वर्ष में पूरा कर रहा है, जिसमें झांसी मंडल अपनी महती और अग्रणी भूमिका निभा रहा है। झांसी मंडल को वर्तमान वर्ष के लिए 75 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष मंडल ने 29 सितंबर 2026 तक 38,77,554 पौधे लगाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर ली है।
झांसी मंडल में मानसून की शुरुआत के साथ ही इस अभियान ने तीव्र गति पकड़ी, जिसका परिणाम माह-दर-माह बढ़ती हुई प्रगति के रूप में देखने को मिला। मंडल में मई माह में 41,445 पौधे तथा जून माह में 63,866 पौधे रोपे गए थे, जिसके बाद जुलाई माह में 8,44,801 पौधे और अगस्त माह में 14,00,934 पौधे लगाकर अभियान को गति दी गई। सितंबर माह में मंडल के सभी विभागों एवं इकाइयों के समन्वित प्रयासों से रिकॉर्ड 15,26,508 पौधे रोपे गए, जिससे मंडल के संचयी पौधारोपण का आंकड़ा 38.77 लाख के पार पहुंच गया।
झांसी मंडल द्वारा यह वृहद पौधारोपण 503 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर सुनियोजित तरीके से किया गया है। इसमें सर्वाधिक प्राथमिकता रेल पटरियों के दोनों ओर (ब्लॉक सेक्शन) के क्षेत्रों को दी गई, जहां 21,01,747 पौधे रोपे गए। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन परिसरों में 7,95,066 पौधे तथा रेलवे कॉलोनियों में 6,36,186 पौधे लगाकर हरित वातावरण तैयार किया गया है।
हरित आवरण को तेजी से बढ़ाने और घने जैव-विविध जंगलों के निर्माण के उद्देश्य से झांसी मंडल में जापानी ‘मियावाकी पद्धति’ (Miyawaki Method) का भी प्रभावी प्रयोग किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक के तहत सीमित भूमि पर देशी प्रजातियों के पौधों को सघन रूप से रोपा जा रहा है, जिससे पौधे पारंपरिक वनीकरण की तुलना में लगभग 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं और 30 गुना अधिक घने जंगल का रूप लेते हैं। यह पद्धति न केवल स्थानीय जैव-विविधता और सूक्ष्म जलवायु को सुधारने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि रेलवे कॉलोनियों व यार्डों के आसपास धूल, ध्वनि प्रदूषण को रोकने तथा वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भी अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।
मंडल रेल प्रशासन द्वारा पौधों के रोपण के साथ-साथ उनके उचित संरक्षण, नियमित सिंचाई और उत्तरजीविता (सरवाइवल) सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विभिन्न रोपण स्थलों का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। झांसी मंडल का यह निरंतर प्रयास रेलवे परिसंपत्तियों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।














