झांसी। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में मानवीय संवेदना एवं त्वरित कार्यवाही का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया। दरअसल, लगभग 04 वर्षीय अभिपाल अपने मामा से बिछुड़कर रोते हुए कार्यालय परिसर में इधर-उधर भटकता पाया गया।
कुछ समय पश्चात बालक रोते हुए वाणिज्य कार्यालय के समीप पहुँचा, जहाँ आशीष कन्नौजिया एवं कमलेश मीना की उस पर नजर पड़ी। दोनों कर्मचारियों द्वारा तत्काल बालक के पास जाकर उससे जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया, किंतु अल्प आयु के कारण बालक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कंट्रोल को सूचित किया गया तथा बालक को सुरक्षित रखते हुए उसकी माता एवं परिजनों की तलाश प्रारंभ की गई।
सतत प्रयासों के फलस्वरूप बालक के मामा हिमांशु पाल से संपर्क स्थापित हुआ। उन्होंने बताया कि बालक की माता कृति पाल दया धार के आधार पर CUG (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात ) परीक्षा देने गई हुई थीं, इसी दौरान बालक उनसे बिछुड़ गया था। सभी तथ्यों की पुष्टि के उपरांत आशीष कन्नौजिया (मुख्य कार्यालय अधीक्षक) एवं कमलेश मीना (कार्यालय अधीक्षक) द्वारा सहकर्मी विवेक लिखार, जूली एवं सुश्री रति मौर्य की उपस्थिति में बालक को सुरक्षित रूप से उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
इस त्वरित, संवेदनशील एवं जिम्मेदार कार्यवाही से एक नन्हे बालक को उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवाया जा सका, जो रेलवे कर्मियों की मानवीय सोच और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।














