झांसी। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के क्रम में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा फर्जी फर्म बना कर 4.5 करोड़ का लाभ लेने वाले गिरोह के एक शातिर सदस्य को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी का नाम नीरज रंजन गुप्ता निवासी लिबासपुर गली नं0 14 थाना समयपुर बदली जिला आउटर नॉर्थ दिल्ली बताया गया है।
दरअसल, 18 दिसंबर 25 को देवेन्द्र पटेल वरिष्ठ सहायक वि०अनु०शा० राज्य कर झांसी द्वारा थाना कोतवाली पर लिखित तहरीर के माध्यम से अवगत कराया गया कि फर्म काजल इन्टरप्राइजेज जो कि एक अस्तित्वहीन फर्म है के द्वारा बिना कोई व्यापार किए जीएसटी पोर्टल पर दाखिल रिटों में बोगस रुप से आईटीसी पासऑन करते हुए राजस्व क्षति की गयी है। इस मामले में मुकदमा धारा 318 (2) पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान मुकदमा उपरोक्त में धारा 319 (2)/336 (3)/338/340(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई थी। अभियोग के दौरान विवेचना में आज थाना कोतवाली पुलिस द्वारा 01 आरोपी नीरज रंजन को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी द्वारा पूछताछ में बताया गया कि उसके व उसके साथी रितश जैन व अशोक कुमार जैन नि0 म0न0 47 स्टेट बैंक कॉलोनी, थाना- मॉडल टाउन, दिल्ली के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी अस्तित्वहीन फर्म जी. एस. इण्टरनेशनल बनायी गयी। जिसके आधार पर वास्तविक व्यापार न होते हुए भी अभियुक्त नीरज रंजन उपरोक्त द्वारा लगभग 24 करोड़ रूपये का काल्पनिक लेने देन सुनील तनेजा एसोसिएट फर्म स्वामी रितेश जैन उपरोक्त के साथ दर्शाया गया है। इस क्रम में अभियुक्त नीरज रंजन गुप्ता को इस अस्तित्वहीन फर्म के माध्यम से 4.5 करोड़ का लाभ अर्जित किया गया है।
अभियुक्त नीरज रंजन उपरोक्त के द्वारा अपने पार्टनर रितेश जैन की फर्म के साथ व्यापार करने के फर्जी इंवाइस बिल भी तैयार किए। इसके माध्यम से उन्होनें बड़ी मात्रा में Input Tax Credit (ITC) का अवैध लाभ प्राप्त किया। अभियुक्त द्वारा वास्तविक व्यापार दर्शाने हेतु परिवहन संबंधी वैधता दर्शाने के फर्जी एवं भ्रामक बिल तैयार किए। इसके अलावा अभियुक्त नीरज रंजन गुप्ता के लेपटाप व मोबाइल फोन के माध्यम से रितेश जैन व अशोक जैन के साथ व्हाटसएप के माध्यम से हुई वार्ता से स्पष्ट है कि अभियुक्त द्वारा षडयंत्र कर फर्जी इनवॉइस बिल के आधार पर आईटीसी का लगभग 4.5 करोड़ का लाभ प्राप्त किया गया।














