झांसी। नगरा के रेलवे क्षेत्र में स्थित प्राचीन नीम वाली काली माता मंदिर का रास्ते को रेल प्रशासन द्वारा बंद करने पर दिए जाने का क्षेत्रवासियों ने जमकर आक्रोश व्यक्त करते हुए विरोध किया। उन्होंने बताया कि यह नीम वाली काली माता मंदिर प्राचीन है, और मंदिर के रास्ते से लोग वर्षों से मंदिर और पास में बने स्कूल में बच्चे आते जाते हैं। इस रास्ते को बंद कर दिया गया है जबकि बिल्डिंग मैटेरियल वालों के द्वारा बनाए गए अवैध रास्ते को बन्द नहीं किया जा रहा। लोगों की धार्मिक भावनाओं ठेस पहुंचाने का कार्य करते हुए रास्ते को बन्द कर रहा है।
क्षेत्रवासियों का विरोध देख रेल विभाग के अधिकारी/कर्मचारी अपनी जेसीबी मशीन और टीम के साथ वहां से चले गए। रेलवे सूत्रों का कहना है कि रेलवे क्षेत्र के इस रास्ते को आज नहीं तो कल सख्ती के साथ पक्का कर बन्द जरूर किया जाएगा। गौरतलब है कि नगरा गढ़िया फाटक रेलवे क्षेत्र में प्राचीन नीम वाली काली माता का मंदिर है, यहां मंदिर में आने जाने वाले लोगों के लिए मुख्य मार्ग के अलावा ईसाई टोला निर्मला कॉन्वेंट स्कूल के पास से भी दिवाल तोड़कर रेलवे क्षेत्र में आने जाने का रास्ता बनाया गया है। इस रास्ते से वर्षों से लोगों का आना जाना बना हुआ रहता है।
आज रेलवे के अधिकारियों द्वारा अपनी टीम और जेसीबी मशीन लेकर आकर रास्ते को बंद कर दिया गया। इस रास्ते को बंद करने पर क्षेत्रवासियों का आक्रोश भड़क उठा। दर्जनों की संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि वर्षों पुराने रस्ते को रेलवे बंद कर रहा है। जिससे लोगों को मंदिर और बच्चों को स्कूल आने जाने में समस्या का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे अफसर उन लोगों को नहीं हटा रहा जो अवैध रूप से रेलवे की जमीन से बिल्डिंग मैटेरियल बेचने का कार्य कर रहे हैं, रेलवे केवल कार्यवाही के नाम पर लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलबाड़ कर रहा है। लोगों का आक्रोश देख रेल अधिकारी कर्मचारी ओर जेसीबी मशीन लेकर वहां से रास्ते को खुलवाने का आश्वासन देकर चले गए।














