स्मार्ट प्रीपेड मीटर : जानें अनसुलझे सवालों के जबाव

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झांसी। “स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर इन दिनों आम उपभोक्ता परेशान है क्योंकि उन्हें सही मायने में इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी नहीं है और अधकचरी जानकारी समस्या को सुरसा के मुंह की तरह विशाल होती जा रही है, राजनैतिक दलों द्वारा समस्या के समाधान में सहयोग करने के विपरीत जनाक्रोश का फायदा उठाकर राजनैतिक रोटियां सेंकना शुरू कर दी गई हैं। ऐसे में sahujagran.com ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर से संबंधित अनसुलझे सवालों के जबाव चरणबद्ध तरीके से देने का प्रयास किया जा रहा है। संभावना है कि उपभोक्ताओं के सवालों का जवाब मिल पाएगा।”

इस संबंध में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लि० द्वारा भी जनहित में उपभोक्ता मार्ग दर्शिका जारी कर उपभोक्ताओं को वास्तविक स्थिति से अवगत करा कर समस्या के समाधान का प्रयास किया गया है।

प्रश्न 1- स्मार्ट प्रीपेड मीटर क्या है?

उत्तर- स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक आधुनिक बिजली मीटर है। इसमें बिजली का मापन पुराने मीटर की तरह ही होता है, बस इसमें संचार तकनीक (GPRS/RF) हेतु एक अतिरिक्त उपकरण लगा होता है। यह आपकी खपत के ऑकड़े लगातार कंट्रोल रूम को भेजता है, जिससे मीटर रीडर के माध्यम से मीटर रीडिंग कराने की जरूरत खत्म हो जाती है और आपको हर समय एवं सटीक ऑकडे प्राप्त होते हैं। यह मोबाइल फोन के प्रीपेड सिम की तरह काम करता है, जहाँ आप पहले पैसे जमा (रिचार्ज) करते है और फिर बिजली का उपयोग करते हैं।

प्रश्न 2- स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए कितने पैसे देने होंगे?

उत्तर-1. पुराने उपभोक्ताओं के लिएः मौजूदा मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) है। इसके लिए कोई पैसा या शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।

ii. नए कनेक्शन के लिएः नए विद्युत कनेक्शन के लिये स्मार्ट मीटर लागत (Cost) उपभोक्ता को देनी होगी। यह सामान्य मीटर के लिए भी देनी होती थी। यह लागत उ०प्र० विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय की गई है।

प्रश्न 3- स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुख्य लाभ क्या हैं?

उत्तर- i. छूटः प्रीपेड उपभोक्ताओं को बैलेंस पॉजिटिव रखने पर बिजली दरों में 2% की विशेष छूट मिलती है।

ii. बजट नियंत्रणः आप देख सकते हैं कि रोज कितनी बिजली खर्च हो रही है. जिससे आप फिजूलखर्ची रोक सकते हैं।

iii. पारदर्शी ऑटोमैटिक रीडिंगः मीटर रीडिंग हेतु मीटर रीडर अब आपके घर नहीं आयेंगे। मीटर रीडिंग में होने वाली मानवीय गलतियों की संभावना शून्य हो जाती है।

iv. अलर्ट: SMS के जरिए आवश्यक सूचनाएँ मिलती है।

v. आसान रिचार्जः घर बैठे रिचार्ज की सुविधा।

vi. मोबाइल ऐपः यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप अवश्य डाउनलोड करें, जिससे कि आपको सभी सूचनायें, जानकारियां एवं एलर्ट तत्काल उपलब्ध होंगे।

vii. स्मार्ट मीटर के खराब होने पर इसकी सूचना स्वतः डिस्कॉम को प्राप्त हो जाती है जिससे समस्या का त्वरित समाधान होता है।

प्रश्न 4- क्या प्रीपेड होने पर बिजली महंगी हो जाती है?

उत्तर- जी नहीं। बिजली की दरें (टैरिफ) वही रहती हैं जो राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय की जाती है। बल्कि, प्रीपेड मोड में बैलेंस पॉजिटिव रखने पर आपको 2% की अतिरिक्त छूट मिलती है, जिससे आपकी बिजली और सस्ती हो जाती है।

प्रश्न 5- क्या स्मार्ट मीटर तेज चलते हैं?

उत्तर- जी नहीं। यह मात्र एक भ्रम है। स्मार्ट मीटर वही IS-प्रमाणित (Indian Standards) सटीकता प्रदान करते हैं जो पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर देते थे। जैसा कि ऊपर बताया गया है स्मार्ट मीटर में नि का मापन पुराने मीटर की तरह ही होता है, बस इसमें संचार तकनीक (GPRS/RF) है अतिरिक्त उपकरण लगा होता है। स्मार्ट मीटर की सटीकता की जाँच लैब में कठोर परीक्षण की जाती है। अभी तक पूरे प्रदेश में लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके है, जिसके लगभग 5.22 लाख पुराने मीटरों को चेक मीटर की तरह लगाया गया है। इनकी तुलना में क. स्मार्ट मीटर तेज चलता हुआ नहीं पाया गया है।

शेष अगले अंक में 

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