भारतीय रेल के ऐतिहासिक एट–कोंच सेक्शन में एक गाड़ी पद्धति की कार्यप्रणाली का अवलोकन

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झांसी। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार द्वारा भारतीय रेल के ऐतिहासिक एट–कोंच रेलवे सेक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस सेक्शन पर प्रचलित “केवल एक गाड़ी पद्धति” (One Train System) की कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया।

गौरतलब है कि इस पारंपरिक प्रणाली के अंतर्गत रेल संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लोको पायलट/क्रू को मेटल टोकन प्राधिकार पत्र प्रदान किया जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि एक समय में केवल एक ही गाड़ी सेक्शन में संचालित हो। यह व्यवस्था भारतीय रेल की पुरानी लेकिन अत्यंत प्रभावी सुरक्षा प्रणालियों में से एक मानी जाती है।

निरीक्षण के क्रम में मंडल रेल प्रबंधक ने एट एवं कोंच रेलवे स्टेशनों का भी जायज़ा लिया। उन्होंने स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, वाटर कूलर, पेयजल व्यवस्था, सिग्नलिंग सिस्टम एवं अन्य परिचालन व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से संरक्षा मानकों के पालन, यात्रियों की सुविधा में निरंतर सुधार तथा स्टेशन परिसरों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर बल दिया।

इसके उपरांत कोंच स्थित गुड्स शेड का निरीक्षण कर वहां चल रहे कार्यों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने माल ढुलाई से संबंधित अधोसंरचना, लोडिंग-अनलोडिंग प्रक्रियाओं तथा उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया और कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, गुड्स संचालन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीकों के समन्वय के साथ सुरक्षित, सुचारु एवं कुशल रेल संचालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (ब्रांच लाइन) रश्मि गौतम, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी) सतबीर सिंह, मंडल इंजीनियर (मध्य) अंकुर गुप्ता मौजूद रहे।

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