बाल-बाल बचे यात्री, सुरक्षा पर सवाल उठे
ग्वालियर संवाद सूत्र। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्य के अंतर्गत प्लेटफार्म नंबर एक पर एक बडा हादसा होने से टल गया। रेलवे स्टेशन की छत से एक हिस्से से प्लास्टर व पत्थर टूटकर प्लेटफार्म पर गिर गया। छत का हिस्सा गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। संयोग से जिस समय ये हादसा हुआ उस समय प्लेटफार्म पर कोई ट्रेन मौजूद नहीं थी लेकिन यात्रियों का आवागमन हो रहा था। हालांकि इस घटना के दौरान किसी यात्री के चोटिल होने की सूचना नहीं है।
घटना के बाद उसे हिस्से को बेरीकेडिंग कर बंद कर दिया गया। स्टेशन के पुनर्विकास के कारण यात्रियों को पहले से ही परेशानी हो रही है और अब इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा पर सवाल उठा दिए हैं।
दरअसल, रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्य के अंतर्गत स्टेशन की छत के हिस्सों को काटकर हटाया जा रहा है। उसके स्थान पर बादलनुमा छत का काम किया जाना है। ऐसे में अलग-अलग स्थानों पर छत को काटा गया है। बता दे कि स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर आगरा एंड की तरफ बने फुटओवर ब्रिज के नीचे प्लेटफार्म की छत का प्लास्टर झड़ कर नीचे गिर गया। यह घटना कटिंग कर रही मशीन के कंपन से प्लास्टर टूटकर गिरा। जैसे ही प्लास्टर टूट कर नीचे गिरा, वैसे ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस घटना के दौरान कोई हताहत नहीं हुआ। बाद में रेलवे के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इस हिस्से को बेरीकेडिंग कराकर बंद कर दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर निर्माण संबंधी घटनाएं
मजदूर का गंभीर हादसा: प्लेटफॉर्म नंबर 4 के बाहर निर्माण कार्य करते समय ‘छोटू जाटव’ नाम का मजदूर ऊंचाई से गिर गया था, जिसके शरीर में लोहे के तीन सरिये आर-पार हो गए थे।
प्लेटफॉर्म पर सरिया गिरना: अक्टूबर 2024 में प्लेटफॉर्म नंबर 4 के बाहर एक दर्दनाक हादसे में लोहे का भारी सरिया गिर गया था, जिससे निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया था।
ट्रैक पर लोहे का फ्रेम: अक्टूबर 2024 में बिरला नगर स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लोहे का फ्रेम रख दिया गया था, जिससे एक मालगाड़ी के लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा ट्रेन हादसा टल गया।
यात्री पर स्लैब गिरना: जुलाई 2024 में ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) से टिकट निकाल रहे एक यात्री के सिर पर छत से सीमेंट का स्लैब आ गिरा था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
असुरक्षित निर्माण के कारण भीड़भाड़: निर्माण के चलते स्टेशन पर सीमित जगह होने के कारण प्लेटफॉर्म्स पर यात्रियों के ट्रेन छूटने के डर से घबराने की स्थिति भी कई बार देखी गई है।














