सोने के आभूषण, बाइक बरामद, 328000 रुपये अभियुक्त के खाते में फ्रीज
झांसी। पुलिस, सीबीआई या जीएसटी अधिकारी बन कर चेकिंग के नाम पर डराने और उनके आभूषण व नकदी लेकर फरार होने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह के खिलाफ झांसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना मोंठ पुलिस, स्वाट व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तौहीद अली पुत्र राजू अली निवासी वार्ड न0 15 कस्बा बुढार थाना बुढार जिला सहडोल मप्र को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी से संबंधित एक चैन पीली पीली धातु (कीमत करीब 60000 रुपये), एक अँगूठी पीली धातु (कीमत करीब 15000 रुपये), दो मोबाईल फोन (एक फोन मेट्रोला व एक फोन वीवो), एक मोटरसाइकिल काले रंग की पल्सर नं0 MP18ZE3068 (घटना में प्रयुक्त) बरामद कर अपराध से संबंधित 328000 रुपये अभियुक्त के खाते में फ्रीज कराये गये।
गिरफ्तार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग राज्यों में घूमता था और खास तौर पर बुजुर्गों तथा महिलाओं को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे लोगों की रेकी करते थे, जिन्हें आसानी से अपने जाल में फंसाया जा सके। इसके बाद मौका मिलते ही मोटरसाइकिल से पहुंचकर खुद को पुलिस अधिकारी या सीबीआई या जीएसटी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर शिकार को रोक लेते थे।
आरोपी चेकिंग व कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर लोगों से उनके पास मौजूद नकदी और सोने-चांदी के आभूषण सुरक्षित रखने के नाम पर अपने कब्जे में ले लेते थे। इसी दौरान गिरोह के सदस्य हाथ की सफाई दिखाते हुए कीमती सामान बदल देते या लेकर फरार हो जाते थे। पीड़ितों को जब तक ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी काफी दूर निकल चुके होते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद गिरोह के सदस्य एक ही स्थान पर नहीं रुकते थे। घटना को अंजाम देने के बाद वे उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश और फिर महाराष्ट्र की ओर निकल जाते थे। राज्यों की सीमाएं लगातार बदलने की रणनीति के कारण पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रेस करने और आरोपियों तक पहुंचने में कठिनाई होती थी।
जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। आरोपी अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देते थे और वारदात के बाद अपना ठिकाना बदल लेते थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य साथियों, उनके ठिकानों और पूर्व में की गई वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस टीम अलग-अलग राज्यों में दर्ज मुकदमों और घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है। इसके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और उनके आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद चेकिंग के नाम पर हुई टप्पेबाजी की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।
पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, जीएसटी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर सड़क पर जांच के नाम पर नकदी अथवा आभूषण मांगे तो सतर्क रहें और तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दें।














