झांसी। ्न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो ऐक्ट) मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत में 10 वर्ष की नाबालिग बालिका से दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त प्रदीप उर्फ लला खरे को 20 वर्ष की सज़ा व 1 लाख रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो ऐक्ट) विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 31 जनवरी 2024 को मोठ थाना को तहरीर देते हुए वादी महिला ने बताया कि उसके 3 बच्चे हैं। पति गोरखपुर में मजदूरी करते हैं। वह भी मजदूरी करने के लिए अक्सर बाहर जाती है। बीते रोज मजदूरी कर लौटी, तो 10 साल की बेटी रोने लगी। पूछने पर बच्ची ने बताया कि मोठ के अखाड़ापुरा मोहल्ला निवासी प्रदीप उर्फ लला खरे मकर संक्रान्ति के दिन उसे अपने घर पर ले गया। दरवाजा बन्द कर दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर माता-पिता को जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया। वह उसे दोबारा बुला रहा था। डर के के कारण बच्ची नहीं गयी और दरवाजा बन्द कर घर में ही छिपी रही। इस पर महिला अपनी बच्ची के साथ मोठ थाना कर गयी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रदीप खरे को गिरफ्तार लिया। पुलिस ने न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने, गवाही व साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दोषी माना। अभियुक्त को धारा 5 एम / 6 पॉक्सो ऐक्ट में 20 वर्ष व एक लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनायी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी तथा जेल में बितायी अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को पुनर्वास के लिए दी जाएगी।














