बच कर भागी बालिका को 13 दिन बाद मिला पिता का साथ
झांसी। उस नाबालिग लड़की को क्या पता था कि पिता समान चाचा वासना का भूखा भेड़िया है। रिश्तों व भरोसे पर कुठाराघात पर चाचा ने उसका लगातार देहशोषण कर जिंदगी नर्क बना दी। आये दिन चाचा के दुराचार से तंग आकर बालिका भाग निकली और पुलिस के पास पहुंच कर देह शोषण की जो दास्तां सुनाई तो सभी हक्के-बक्के रह गए।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी ईंट भट्टा श्रमिक की 14 वर्षीय पुत्री को अच्छी परवरिश का भरोसा दिलाकर रिश्ते का चाचा कासगंज से झांसी ले आया था। यहां उसने भतीजी का यौन शोषण करना शुरू कर दिया गया। बालिका के रिश्तों की दुहाई देने पर भी वह नहीं माना। चाचा उससे दिनभर काम कराता और खाने के नाम पर इतना ही भोजन देता कि वह जीवित रहे और रात में धमकी देकर लगातार भतीजी से वासना का खेल खेलता था।
आए दिन के देह शोषण से तंग आकर बालिका 3 जनवरी को भाग निकली और थाना प्रेमनगर की बिजौली चौकी पहुँच कर चाचा के दुराचार की कहानी सुनाई। पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया था। समिति ने बालिका को वन स्टॉप सेण्टर में भर्ती करवा दिया और उसके पिता को सूचना पहुंचाई। शुक्रवार को पिता झांसी आया, जहाँ समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सदस्य परवीन खान, कोमल सिंह, हरिकृष्ण सक्सेना, दीप्ती सक्सेना एवं कार्यालय सहायक मोहम्मद साजिद की मौजूदगी में उसे पिता के सुपुर्द कर दिया।














