लोहे के बक्से को चिता बना प्रेमिका की लाश को जलाया

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रिटायर्ड रेलकर्मी ने दूसरी पत्नी और बेटे के सहयोग से लाश के अवशेष लगाये थे ठिकाने, तीनों गिरफ्तार

झांसी। रेलवे में वरिष्ठ तकनीशियन पद से रिटायर्ड रेलकर्मी ने प्रेमिका की हत्या करके शव को लोहे के बक्से में रख कर जला दिया था और अवशेषों को ठिकाने लगाने में अपनी दूसरी पत्नी व बेटे के सहयोग लिया था। इस मामले का खुलासा कर पुलिस ने रिटायर्ड रेल कर्मी व उसकी दूसरी पत्नी एवं पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

इस मामले का झांसी पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी रिटायर्ड रेल कर्मी राम सिंह परिहार ने बताया कि उसने प्रेमिका प्रीति (मृतका) से मंदिर में शादी की थी। उसको संदेह था कि उसके एक ब्यूटी पार्लर संचालक से प्रेम संबंध हैं। हर महीने पेंशन के 43 हजार रुपये देने के बावजूद भी वह लगातार रुपयों की मांग करती रहती थी।

कुल्हाड़ी से प्रीति के सिर पर वार कर की हत्या 

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुछ दिन से प्रीति रायकवार रामसिंह से दूरी बना रही थी। 8 जनवरी को रामसिंह ने प्रीति रायकवार को सीपरी बाजार क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्म नगर में स्थित किराए के मकान पर बुलाया। दोनों के बीच एक ब्यूटी पार्लर संचालक के साथ प्रेम संबंधों को लेकर विवाद हुआ। रामसिंह में इस दौरान कुल्हाड़ी से उसके सिर पर हमला कर दिया। इससे प्रीति जमीन पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई।

शव के साथ सोया हत्यारा रामसिंह

रामसिंह ने प्रीति की हत्या की जानकारी कोतवाली क्षेत्र मिनर्वा चौराहा के पास फूटा चोपड़ा में रहने वाली दूसरी पत्नी गीता और अपने 19 वर्षीय बेटे नितिन को दी। दो दिनों तक राम सिंह प्रीति के शव के साथ रात को सोता रहा। शव को ठिकाने लगाने के लिए रामसिंह ने अपने बेटे नितिन से एक बड़ा सा लोहे का बक्सा और लकड़ियां मंगवाई। इसके बाद दूसरी पत्नी और बेटे के साथ मिलकर बड़े लोहे के बक्से में लकड़ियों की चिता बना कर प्रीति के शव को रख दिया।

लाश को बक्से में डालकर जलाया

प्रीति की लाश को तीनों ने मिलकर जला दिया और जलते हुए बक्से को बंद कर तीनों घर चले गए। दूसरे दिन सुबह 4 बजे लाश पूरी जली या नहीं जली देखने के लिए वापस उसी किराए के मकान में गए। वहां बक्सा गर्म होने पर उसमें पानी डाल दिया। आग में जल कर बक्से के रंग काला हो जाने पर उस पर नीले रंग का पेंट कर दिया। इसके बाद अवशेष सहित बक्से को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

रेल अधिकारी के बंगले पर काम करती थी प्रीति 

रामसिंह ने बताया कि पिछले दस साल वह प्रीति के साथ रह रहा था। वह उसको तीसरी पत्नी का दर्जा दिये था। प्रीति एक रेल अधिकारी के बंगले पर काम करती थी। वहीं से दोनों की दोस्ती हुई। दोनों ने मंदिर और कोर्ट में शादी की थी।

रेप के केस में बंद करवाने की धमकी दी

रामसिंह ने बताया कि प्रीति के अन्य व्यक्ति से संबंधों का जब उसे पता चला तो उसने विरोध किया। इस पर वह उसको ब्लैकमेल करने लगी। वह उसे लाखों रुपये दे चुका था, हर महीने पूरी पेंशन भी वह ले लेती थी। अब रुपये देने से मना किया, तो प्रीति ने बलात्कार के केस में बंद करवाने की धमकी दी थी। 8 जनवरी को दोनों ने एक साथ बैठकर शराब पार्टी की और फिर ब्यूटी पार्लर संचालक को लेकर काफी देर तक विवाद हुआ। इसके बाद रामसिंह ने उसकी कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। अगर राख ठिकाने लग जाती, तो ये बात किसी को पता नहीं चलती।

सूचना देने वाले लोडर चालक का सम्मान होगा

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि शनिवार देर रात्रि बक्से में जली हुई प्रीति की हड्डियां और राख को नदी में बहाने के लिए आरोपी लोडर में लदवा कर ले जा रहा था, रास्ते से गायब हो गया था। लोडर चालक ने जब बक्से से पानी सहित राख निकलते देखी तो संदेह हुआ और उसने मिनर्वा चौकी पुलिस को सूचना दी थी। इससे बक्से में लाश के अवशेष का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले लोडर चालक को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 घंटे में वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

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