झांसी। न्यायालय स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट कोर्ट में कोतवाली इलाके में सिलाई सीखने गई एक नाबालिक किशोरी को भगाकर ले जाने एवं मारपीट करते हुए दुष्कर्म करने का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को दस वर्ष के कठोर कारावास व पैसठ हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। उल्लेखनीय है कि अपहरण के कुछ दिन बाद ही अभियुक्त द्वारा उत्पीड़ित किए जाने से तंग आकर किशोरी दिल्ली से भाग कर झांसी अपने घर आ गई थी।
इस संबंध में विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि 8 जुलाई 2021 की सुबह जब लक्ष्मी गेट इलाके में रहने वाली करीब 15 वर्षीय किशोरी अपने पड़ोस के घर में सिलाई सीखने गई हुई थी तभी हंसारी निवासी 26 वर्षीय कमलेश उर्फ छोटू पुत्र चुन्नीलाल ने मिलने के बहाने से बस स्टैंड बुलाया और धमकाते हुए उसका अपहरण कर लिया था बाद में एक रिश्तेदार के यहां दिल्लीे ले गया जहां कई दिनों तक उसके साथ मारपीट करते हुए दुष्कर्म किया। इस दौरान किसी तरह मौका पाकर किशोरी भाग निकली व अनजान लोगों से मदद लेते हुए दिल्ली से झांसी आ गई थी।
पीडिता के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 363,366 सहित पास्को एक्ट में मुकदमा कायम कर आरोपी कमलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई उपरांत दोष सिद्ध हो जाने पर विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने विभिन्न धाराओं की तहत कमलेश को 10 वर्ष के कठोर कारावास सहित कुल 65 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है और जुर्माना अदा न करने पर 2 वर्ष अतिरिक्त कारावास के भी आदेश दिए गए हैं।













