खतरा सर पर : पार्क में वीरांगना के अश्व के पेट पर मधुमक्खी का छत्ता

0
28

समाजसेवी ने कहा – नगर निगम नहीं हटाता तो वह स्वयं हटाएंगे 

​झांसी। शहर के मध्य में स्थित लक्ष्मी बाई पार्क नगर निगम की लापरवाही के चलते देखरेख के अभाव में समस्याओं से जूझ रहा है। इसका एक ऐसा उदाहरण सामने आया जो कभी भी पर्यटकों व घूमने आने वाले झांसी के वाशिंदों की जान जोख़िम में डाल सकता है, किंतु जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है, उन्हें इंतजार है हादसे का।

यह खतरनाक स्थिति पार्क में अश्वारोही वीरांगना लक्ष्मीबाई की प्रतिमा की है। इस प्रतिमा के अश्व के पेट पर मधुमक्खियों का विशाल खतरनाक छत्ता है। ऐसा नहीं है कि इस ख़तरे पर किसी की नज़र नहीं गयी हो, किंतु “हमें क्या मतलब” की तर्ज पर लोग चर्चा तो करते हुए नगर निगम की व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करते हुए चले जाते हैं, किंतु जिम्मेदारों को जगाने के लिए आवाज बुलन्द नहीं करते। उन्हें भी इसकी परवाह नहीं है जो वीरांगना लक्ष्मीबाई के नाम पर प्रतिमा तले हर वर्ष कार्यक्रम कर मुड़ कर नहीं देखते। उनकी रानी के प्रति आस्था पर यह समस्या सवाल खड़े कर रही है।

इस सबसे इतर समाज सेवी कर्म योगी संस्था के अध्यक्ष पं संतोष गौड़ की रानी लक्ष्मीबाई के इतिहास को समर्पित अंतरात्मा की पुकार के माध्यम से इस मामले में जो चिंता जताई है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा –

“आज मन अत्यंत निशब्द है। बरसों से वीरांगना लक्ष्मीबाई के गौरवमयी इतिहास और उनके जीवन पर कार्य करते हुए, प्रतिमा के नीचे घोड़े के पेट पर मधुमक्खियों का यह छत्ता देख कर मन में एक गहरी पीड़ा और तकलीफ का भाव उमड़ने लगा है। यह दृश्य देखकर अंतर्मन व्यथित है। झांसी प्रशासन से अत्यंत विनम्र आग्रह है कि कृपया इस विषय पर संज्ञान लें और इस छत्ते को सुरक्षित रूप से हटवाने का कष्ट करें। हमारी धरोहरों का संरक्षण ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों की छुट्टियों या किसी अन्य कारणवश कल सुबह (4 मार्च) तक यह छत्ता नहीं हट पाता है, तो अपनी अंतरात्मा की शांति और अपनी धरोहर के सम्मान हेतु कल मैं स्वयं जाकर इस मधुमक्खी के छत्ते को हटा लूंगा। मेरी श्रद्धा मुझे इस अवस्था को और अधिक देखने की अनुमति नहीं दे रही है।”

अब देखना है कि प्रशासनिक नक्कारखाने में पं गौड़ की पुकार किसी को सुनाई भी देती है या नहीं या फिर इस खतरनाक समस्या का जनहित में समाधान उन्हें स्वयं करना पड़ेगा। भगवान उन्हें शक्ति प्रदान करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here