हास्य कवियों ने श्रोताओं को हँसी के रंगों में रंगा
झांसी। होली की पूर्व संध्या पर सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था “प्रयास सभी के लिए” के तत्वावधान में भव्य राष्ट्रीय हास्य कवि सम्मेलन “फागुन की फुहारें” हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। लक्ष्मीबाई पार्क में आयोजित इस काव्य-संध्या में हास्य और व्यंग्य की ऐसी रंगीन फुहारें बरसीं कि श्रोता देर तक ठहाकों की गूंज में सराबोर रहे।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर रचना विमल दुबे धर्म पत्नी मंडलायुक्त झांसी रहीं। संस्थापक अध्यक्ष मनमोहन गेड़ा के नेतृत्व एवं अध्यक्ष श्री रामबाबू शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर के साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मंच पर विराजमान कविगणों ने अपनी चुटीली और व्यंग्यपूर्ण रचनाओं से ऐसा समा बाँधा कि श्रोताओं के हँसते-हँसते पेट में बल पड़ गए।
राष्ट्रीय कवि एवं मंच संचालक पंकज अभिराज ने अपने सधे हुए संचालन और त्वरित हास्य-विनोद से कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।
इस दौरान कवि पूजा सिंह, संजय जैन “निबुआ” तथा प्रतीक्षा चौधरी ने समसामयिक विषयों पर प्रहार करते हुए हास्य की ऐसी बौछार की। प्रतीक्षा चौधरी ‘इटावा’ ने “रंगों की गुलालो की रंगोली हो मुबारक,
फागुन में नोक झोंक की बोली हो मुबारक”
संजय जैन निबुआ ने “पैसा पैसा पैसा क्या है पैसा
पैसे से कंगाली आई रिश्तों में” गम्भीर छाप छोड़ गई। हास्य रचनाओं के मध्य पूरा वातावरण तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। कहीं तीखे व्यंग्य ने सोचने को विवश किया तो कहीं हल्के-फुल्के चुटकुलों ने मन को प्रफुल्लित कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान रंग, रस और राग का सुंदर समन्वय दिखाई दिया। फागुन की मस्ती और होली की उमंग कविताओं में इस प्रकार घुली कि श्रोतागण देर तक उस आनंदानुभूति में डूबे रहे। आयोजन की व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रहीं। संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के सामूहिक प्रयास से यह साहित्यिक आयोजन गरिमा एवं अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। अंत में संस्था की ओर से सभी कविगणों का सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया तथा उपस्थित जनसमुदाय के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।
“फागुन की फुहारें” ने एक बार पुनः सिद्ध कर दिया कि झांसी की सांस्कृतिक धरती पर हास्य और साहित्य की परंपरा जीवंत है, और जब शब्दों में रंग घुलते हैं तो होली केवल पर्व नहीं, एक उत्सव बन जाती है। कार्यक्रम का संचालन संरक्षक रामकुमार लोहिया ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संरक्षक राजेंद्र अग्रवाल रज्जू भैया, निवर्तमान अध्यक्ष बैदेही शरण सरावगी, पूर्व अध्यक्ष सुनील खरे, नवीन श्रीवास्तव, बी पी नायक, लखन पटवारी, पवन नैयर, देवेश मिश्रा, साधना पटवारी, सुनील लोहिया कोंच , एड. बिजय खरे, केदार पहारिया, विनय व्यास, राजेश गुप्ता, पी के भटनागर, सी बी राय तरूण, अरूण खरे, राजीव अग्रवाल विसो, देवेन्द्र अग्रवाल ‘गुड्डू’ , ऋषि लोहिया, कृष्ण मुरारी गुप्ता ‘मारूति’, भरत सेठ, पार्षद लखन कुशवाहा, रजनी आग्वेकर, अशोक अग्रवाल पीएनबी, सरिता अग्रवाल, निधि अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, उमाशंकर राय, महेन्द्र दीवान,सुनील बिलैया बब्बल ” डी एस अग्रवाल, देवेन्द्र गुप्ता क्रेशर वाले, रामकुमार अग्रवाल यूको, एच एन शर्मा, मनोज अरोरा, दिनेश चौरसिया, एड राजेश गुप्ता, राजीव नगरिया, राजू गोलवलकर, रजनी गोलवलकर, मधु पासी, राजेन्द्र पटवारी, अवधेश कंचन, आनन्द अग्रवाल,अम्बिका प्रसाद श्रीवास्तव, संतोष अग्रवाल, संतोष समाधिया, राजेन्द्र गुप्ता चेलरा, बृजेश गुप्ता, एड. अनिल श्रीवास्तव, जय सहगल, सुशील तिवारी, अशोक पासी आदि गणमान्य जन उपस्थित रहे। अंत में महामंत्री केडी गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।














