साक्ष्य के अभाव में दो आरोपी दोष मुक्त
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव की अदालत में पांच वर्ष पूर्व मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ावली में ग्रामीण को रास्ते घेरकर मारपीट और जान से मारने की नीयत से बंदूक से फायर कर घायल कर देने के मामले में दोष सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को दस वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख रुपए अर्थदंड से दण्डित किया गया जबकि साक्ष्य के अभाव में दो दो आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीआई क्राइम तेज सिंह गौर ने बताया कि 15 जून 2020 को ग्राम बुढ़ावली निवासी पवन ने मोठ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके पिता 14 जून की रात अपने भतीजे की शादी में खाना खाकर देर रात करीब साढ़े नौ बजे अपने घर लौट रहे थे तभी रास्ते में पुरानी रंजिश के चलते कृष्ण गोपाल उर्फ हरीश, हरीश शंकर उर्फ मोंटी, शिव शंकर उर्फ बबलू निवासी ग्राम बुढ़ावली ओर इनका एक साथी भूरे उर्फ भूपेंद्र निवासी जरिया हमीरपुर ने उन्हें घेर लिया ओर लाठी डंडों से मारपीट कर हाथ में बंदूक लिए थे उससे जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। जिससे एक गोली उसके पिता के हाथ में लग गई।
शोर शराबा सुनकर वह अपने पिता को बचाने पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय में चल रही मुक़दमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी कृष्ण गोपाल की मृत्यु हो गई थी। आरोपी भूरे उर्फ भूपेंद्र की ओर से पैरवी अधिवक्ता विवेक कुमार वाजपेई और आरोपी हरीश शंकर उर्फ मोंटी तथा शिव शंकर उर्फ बबलू की ओर से पैरवी अधिवक्ता राजा राम तिवारी कर रहे थे।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साक्ष्य के आभाव में आरोपी भूरे उर्फ भूपेंद्र और शिव शंकर उर्फ बबलू को दोष मुक्त कर दिया वहीं अभियुक्त हरीश शंकर उर्फ मोंटी को धारा 307, 506 का दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दस वर्ष की कारावास ओर एक लाख रुपए अर्थदंड का फैसला सुनाया है।














