रिकॉर्ड कमाई : स्क्रैप निस्तारण से कमाए 52 करोड़
झाँसी-कानपुर खंड पर गति वृद्धि एवं सिग्नल अपग्रेडेशन से ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना
झांसी। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि—
“झाँसी मंडल में यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षित एवं समयबद्ध रेल संचालन तथा आधुनिक अवसंरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। GPS घड़ियों की स्थापना, ‘कवच’ प्रणाली का विस्तार, सिग्नल अपग्रेडेशन तथा ट्रैक सुरक्षा से जुड़े कार्य हमारे इसी संकल्प को दर्शाते हैं। आने वाले समय में इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव भी प्राप्त होगा।”
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में यात्री सुविधाओं के उन्नयन तथा अवसंरचनात्मक विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान की जा रही है। इन प्रयासों के फलस्वरूप न केवल ट्रेनों की समय पालनता में सुधार हो रहा है, बल्कि भविष्य में ट्रेनों की संख्या में भी वृद्धि की व्यापक संभावनाएँ बन रही हैं।
GPS आधारित घड़ियों की स्थापना मंडल के सभी स्टेशनों पर आधुनिक GPS आधारित घड़ियों की स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति पर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 24 स्टेशनों पर इनका सफलतापूर्वक संस्थापन किया जा चुका है, जिससे यात्रियों को सटीक समय की जानकारी उपलब्ध हो रही है तथा परिचालन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बन रही है।
गति वृद्धि एवं सिग्नल प्रणाली का उन्नयन
झांसी से कानपुर खंड के मध्य गति वृद्धि एवं सिग्नल प्रणाली के उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। इससे इस महत्वपूर्ण रूट पर ट्रेनों के संचालन में तीव्रता आएगी और अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
सुरक्षा के क्षेत्र में भी झाँसी मंडल लगातार सुदृढ़ीकरण की दिशा में अग्रसर है।
स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली “कवच” का हेतमपुर से मुरैना खंड के मध्य संस्थापन कार्य तीव्र गति से जारी है। साथ ही, ट्रैक पर मवेशियों की टक्कर की घटनाओं को रोकने हेतु लगभग 770 किलोमीटर रेल ट्रैक पर W-बीम फेंसिंग का कार्य किया जा रहा है, जिससे रेल संचालन और अधिक सुरक्षित होगा।
स्क्रैप निस्तारण से कमाए 52 करोड़ : वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में मंडल ने उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। पिछले वित्तीय वर्ष में डीजल लोको शेड से 710 मीट्रिक टन, इलेक्ट्रिक लोको शेड से 800 मीट्रिक टन तथा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से 78 टन स्क्रैप का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त, कार्मिक विभाग द्वारा 80 लाख दस्तावेजों का डिजिटलीकरण एवं निस्तारण किया गया। इन प्रयासों के माध्यम से मंडल ने केवल स्क्रैप डिस्पोजल से ही 52 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
सोलर एनर्जी हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए मंडल के विभिन्न भवनों, जैसे DRM कार्यालय एवं स्टेशन प्लेटफॉर्म की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं, जिससे अब तक 28 लाख रुपये से अधिक की राजस्व बचत सुनिश्चित की जा चुकी है।
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी झाँसी मंडल ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए उत्तर मध्य रेलवे का प्रथम ऐसा मंडल बनने का गौरव प्राप्त किया है, जहाँ सभी प्रमुख सिस्टम को संभावित साइबर हमलों से सुरक्षित किया गया है।
नैरो गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तन अवसंरचना विकास के अंतर्गत, ग्वालियर से श्योपुर कलां रेल खंड का नैरो गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तन कार्य वर्ष 2026-27 तक पूर्ण होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में रेल सेवाओं का विस्तार होगा और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।
स्टेशनों का पुनर्विकास ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य तथा खजुराहो स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिकीकरण भी वर्ष 2026-27 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्रीय पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।














