देर रात सचिवालय खोल कर हुई प्रक्रिया
दतिया मप्र संवाद सूत्र। मध्यप्रदेश की राजनीति में इस समय बड़ा भूचाल आया हुआ है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा मप्र के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई जाने के बाद उनकी सदस्यता खत्म करने का आदेश विधानसभा सचिवालय ने जारी कर दिया है।
गुरुवार देर रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। इधर, घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही देर रात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक पीसी शर्मा विधानसभा पहुंचे। दोनों नेता सीधे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चैंबर में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई? शर्मा के बिना जवाब दिए वहां से निकलने के बाद पटवारी ने आरोप लगाया कि भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया। यह नियमों के खिलाफ है।
गौरतलब है कि मामला 25 साल पुराने जिला सहकारी बैंक घोटाले से जुड़ा है। कोर्ट ने भारती के साथ सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी 3 साल की सजा और 2.5 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। हालांकि, कोर्ट ने भारती को 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर तत्काल जमानत दे दी है और हाईकोर्ट में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है।
खुद के दांव में ही उलझे विधायक
इस मामले में दिलचस्प यह है कि यह केस पहले ग्वालियर की एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा था। राजेंद्र भारती ने खुद सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाकर आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के दबाव में केस प्रभावित हो सकता है। उनकी मांग पर ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मुकदमे को दिल्ली ट्रांसफर किया था। बुधवार को कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देकर जेल भेज दिया था, और गुरुवार को सजा का ऐलान किया।
इन धाराओं में पाए गए दोषी
अदालत ने माना कि राजेंद्र भारती ने आपराधिक साजिश रची और बैंक रिकॉर्ड के साथ धोखाधड़ी की। उन्हें निम्नलिखित धाराओं में दोषी पाया गया:
IPC 120B: आपराधिक साजिश
IPC 420: धोखाधड़ी
IPC 467/468/471: दस्तावेजों की जालसाजी














