#Jhansi शराब की दुकान के बगल में अवैध बियर की बिक्री का भण्डाफोड़

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आबकारी व पुलिस टीम की कार्रवाई, एक पकड़ा, साथी फरार

झांसी। आबकारी विभाग ने रक्सा थाना पुलिस टीम के साथ बड़ी कार्यवाही करते हुए थाना रक्सा क्षेत्र में पुनावली में शराब के ठेके के बगल में धडल्ले से अवैध रूप से चल रही बियर की दुकान पर छापा मारा। इस कारवाई में भारी मात्रा में बियर की पेटियों व लूज कैन बरामद कर लिए है। मौके से एक युवक को गिरफ्तार कर लिया जबकि उसका साथी भागने में सफल हो गया।

बुधवार की शाम करीब 7 बजे आबकारी विभाग की टीम रक्सा पुलिस के साथ पुनावली स्थित शराब के ठेके के बगल वाली दुकान पर पहुँची। वहां खुलेआम बियर बेची जा रही थी। टीम को दुकान के अन्दर भारी मात्रा में बियर की पेटियों व लूज कैन मिली। टीम ने जब पेटियों को खोलकर देखा तो सभी बियर ब्रैण्डेड कम्पनियों की थी।

यह माल हुआ जब्त

टीम ने दुकान से KINGFISHER ब्रान्ड की कुल 20 पेटी (प्रत्येक पेटी में 24X500ML केन) व TO BORG ब्रान्ड की कुल 26 पेटी (प्रत्येक पेटी में 24X500ML केन) व MOUNTS 6000 ब्रान्ड की कुल 03 पेटी (प्रत्येक पेटी में 24X500ML केन) व BUDWISER ब्रान्ड की कुल 02 पेटी (प्रत्येक पेटी में 24X500ML केन) कुल 51 पेटी मात्रा 612 लीटर व KINGFISHER ब्रान्ड की कुल 70 लूज कैन (प्रत्येक की धारिता 500ML) व KINGFISHER MAX की कुल 40 लूज कैन (प्रत्येक की धारिता 500ML) कुल 110 कैन मात्रा 55 लीटर तथा सम्पूर्ण मात्रा 667 लीटर नाजायज बीयर बरामद की गई।

मौके से पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया जबकि पुलिस को देख उसका साथी भागने में सफल हो गया। पकड़े गये आरोपी का नाम रक्सा के पुनावली कला निवासी राजा जयसिंह गुर्जर बताया गया। राजा ने भागने वाले अपने साथी का नाम निशान्त यादव बताया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी युवक व फरार साथी के विरुद्ध थाना रक्सा पर मु०अ०सं० 57/2026 धारा 60 (1) आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की गयी।

कार्यवाही दौरान टीम में आबकारी निरीक्षक नारायण गुप्ता, रक्सा थाने के उपनिरीक्षक अंकुश चौहान, हेड कॉस्टबल सूर्यप्रकाश शुक्ला, कॉस्टबल नत्थू प्रसाद, कॉस्टबल नजीब अली, सुशील कुमार, विजय कुमार, शशिकान्त पटेल, कौस्टबल सुयश दीक्षित थाना रक्सा शामिल रहे।

बरामद माल किस दुकान का, राजस्व की क्षति पहुंचाने में मददगारों की तलाश 

इस कार्रवाई में बरामद माल किस दुकान का है की जांच की जा रही है। इसके लिए क्यूआर कोड मददगार साबित हो सकता है। जांच का विषय यह भी है कि शराब की दुकान के बगल में बियर की अवैध दुकान कबसे और कैसे संचालित हो रही थी? यह अवैध दुकान का बिना मिली भगत के चलना असंभव है। इसमें अवैध कारोबारियों को किन लोगों का संरक्षण प्राप्त था की गहराई से जांच पड़ताल होना चाहिए क्योंकि यह बड़े स्तर पर राजस्व को क्षति पहुंचाने का गंभीर मामला है।

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