दो करोड़ कीमत का माल बरामद, एक गिरफ्तार
झांसी। थाना नबावाद क्षेत्र अंतर्गत गुमनावारा में पुलिस टीम ने जब छापा मारा तब फैक्ट्री में धड़ल्ले से नकली विल्स, गोल्ड फ्लेक सिगरेट बन रही थी। पुलिस ने मशीनरी व लगभग दो करोड़ से अधिक कीमत का माल बरामद कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। इस फैक्ट्री से निर्मित नक़ली सिगरेट झांसी से अन्य प्रदेशों में सप्लाई की जा रही थी।
सोमवार को पुलिस लाइन एसएसपी विकास कुमार ने मीडिया को बताया कि ऋषु मिश्रा निवासी छतरपुर एक्सटेंशन, नई दिल्ली, थाना महरौली, दक्षिण दिल्ली, आईटीसी लिमिटेड मय अपने साथी गण कौशल कुमार दुबे, रणविजय द्वारा थाना नवाबाद पर दाखिल की गई शिकायत के आधार पर पुलिस टीम द्वारा बताये गए गुमनावारा पिछोर, महाराणा प्रताप नगर में बने गोदाम व फैक्ट्री में छापेमारी की गई। गोदाम से श्रीनिवास मिश्रा निवासी अंसल पाम कालोनी, थाना नवाबाद, जनपद झाँसी, मूल निवासी ग्राम व पोस्ट अटवा बंथर, थाना-अचलगंज, जनपद-उन्नाव को गिरफ्तार किया गया।
छापेमारी में गोदाम क्या क्या मिला
छापेमारी के दौरान गोदाम के अन्दर से तंबाकू के 15 बोरे, प्रत्येक बोरे का वजन लगभग 25 किलोग्राम, दो कमरों वाला गोदाम, जिसमें प्रथम कक्ष से गोल्ड फ्लेक सिगरेट की 44 पेटियाँ खाली पैकेजिंग सामग्री की बरामद हुई। प्रत्येक पेटी में करीब 10,000 पैकेजिंग पीस थे, साथ ही गोल्ड फ्लेक सिगरेट के 45 पीसीडी (फिल्टर रोल) भी प्राप्त हुए, गोल्ड फ्लेक सिगरेट के आउटर रोल पेपर की 15 बोरियाँ (लगभग 5,000 शीट), विल्स फ्लेक सिगरेट के 18 रोल पेपर बरामद हुए एवं उक्त गोदाम के दूसरे कक्ष की तलाशी लेने पर विल्स फ्लेक सिगरेट की लगभग 2,40,000 नकली खाली पैकेजिंग सामग्री, 2. 45 पीसीडी फिल्टर रोल तथा 9 आउटर बॉक्स, जिनमें प्रत्येक बॉक्स में 50 सिगरेट के पैकेट थे। आईटीसी टीम द्वारा की गई जाँच के उपरांत सभी सामग्री नकली पाई गई, गोल्ड फ्लेक सिगरेट के 20 आउटर बॉक्स, जिनमें प्रत्येक बॉक्स में 50 पैकेट अर्थात लगभग 1,000 डिब्बे थे, आईटीसी टीम द्वारा की गई जाँच के उपरांत सभी सिगरेट नकली पाई गई। गोदाम एवं फैक्ट्री से बरामद समस्त सामग्री को विधिवत जब्त करते हुए नायब तहसीलदार सदर, अभिनाष कुमार को मौके पर बुलाकर उनकी उपस्थिति में गोदाम एवं संचालित फैक्ट्री को सीलबंद कराया गया।
फैक्ट्री में नकली सिगरेट बनते मिली
आईटीसी टीम व थाना नवाबाद पुलिस ने जब फैक्ट्री में छापेमारी की गई तो नकली सिगरेट निर्माण हेतु तीन बड़ी मशीनों का एक सेट स्थापित पाया गया, जो चालू अवस्था में था। मशीनों के निकट भारी मात्रा में खुला तंबाकू रखा हुआ मिला, जिसे मजदूर मशीन में डाल रहे थे। आरोपी द्वारा बताया गया कि इन मशीनों की सहायता से नकली गोल्ड सिगरेट का निर्माण किया जाता है। एसएसपी ने बताया कि फैक्ट्री से बरामद निर्मित माल, कच्चे माल, पैकेजिंग सामग्री, मशीनरी तथा अन्य सामग्री 2,00,00,000/- (दो करोड रुपये) आंका गया।
सूत्र बताते है कि फैक्ट्री में निर्मित नकली सिगरेट की खेप प्राइवेट लग्जरी बसों के द्वारा गुजरात, आगरा, अलीगढ़ आदि स्थानों पर भी सप्लाई करते थे, इस कारोबार में अतुल नाम का व्यक्ति महीने में दो दिन आकर इस कारोबार की देखरेख करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह शनिवार-रविवार को फैक्ट्री चलाता था और बाकी दिन बंद रखता था। पकड़े जाने से बचने के लिए उसने मकान के बाहर ‘डिफेंडर’ नाम की कंपनी का बोर्ड लगा रखा था और उसी की आड़ में ये पूरा अवैध कारोबार कर रहा था।














