ट्रेन में मोबाइल, स्पीकर पर गाने या रील्स चलाए तो खैर नहीं

0
8

1000 रुपये जुर्माना, रेलवे का सख्त नियम लागू

नई दिल्ली। अगर आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक नया और सख्त नियम लागू किया है। अक्सर देखने और सुनने में आता है कि लोग सफर के दौरान मोबाइल फोन पर तेज आवाज में गाने, वीडियो या सोशल मीडिया रील्स चलाते हैं, जिससे आसपास बैठे अन्य यात्रियों को भारी असुविधा होती है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने अब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है।

रेलवे की ओर से जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई भी यात्री ट्रेन या रेलवे स्टेशन परिसर में मोबाइल के स्पीकर पर गाने, वीडियो या किसी भी प्रकार का ऑडियो बजाएगा, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इस तरह की हरकत को यात्रियों के लिए एक बड़ा उपद्रव माना गया है, क्योंकि इससे लंबी यात्रा के दौरान साथ सफर कर रहे दूसरे यात्रियों का आराम और शांति भंग होती है।

रेलवे एक्ट की धारा के तहत होगी कानूनी कार्रवाई
इस प्रकार की लापरवाही और दूसरों की असुविधा को रोकने के लिए रेलवे ने कानूनी प्रावधानों को सख्त कर दिया है। इसके तहत रेलवे एक्ट की धारा 145 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी, जिसे हाल ही में संशोधित जन विश्वास अधिनियम के तहत और अधिक प्रभावी बनाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और उन्हें ट्रेन से भी उतारा जा सकता है।

टिकट परीक्षकों को दिए गए कड़े अधिकार
रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, टिकट परीक्षक यानी टीईआई या उससे ऊपर के रैंक के सक्षम वाणिज्यिक कर्मचारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे इस तरह का उपद्रव फैलाने वाले यात्रियों पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना तुरंत प्रभाव से लगाएं। यह जुर्माना उन लोगों पर भारी पड़ेगा जो सार्वजनिक स्थानों पर अपनी निजी पसंद का ऑडियो दूसरों पर थोपते हैं।

चेतावनी न मानने पर हो सकती है जेल की सजा

यदि कोई यात्री रेलवे कर्मचारी की चेतावनी के बाद भी अपनी इस हरकत से बाज नहीं आता है और उपद्रव जारी रखता है, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में आरोपी व्यक्ति को छह महीने तक की साधारण कैद या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना, या फिर दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी पड़ सकती हैं। यह कड़ा प्रावधान इसलिए लाया गया है ताकि ट्रेन के अंदर अनुशासन बना रहे।

पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार दी जाएगी जानकारी
दक्षिण रेलवे ने अपने सभी संबंधित डिवीजनों को निर्देश दिया है कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन करवाएं। इसके लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सार्वजनिक घोषणा प्रणाली यानी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार घोषणाएं करने को कहा गया है। यह घोषणाएं हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में की जाएंगी ताकि हर यात्री तक यह संदेश आसानी से पहुंच सके।

स्टेशनों पर लगेंगे जागरूकता से जुड़े नोटिस
इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर जागरूकता बढ़ाने वाले नोटिस और पोस्टर भी लगाए जाएंगे, जिनमें यात्रियों को स्पष्ट रूप से यह बताया जाएगा कि स्पीकर पर गाने या वीडियो चलाना कानूनन अपराध है। रेलवे ने सभी डिवीजनों को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने और बीस अक्टूबर तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया है।

यात्रियों से ईयरफोन के इस्तेमाल की अपील
रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को समझें और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखें। यदि किसी को भी ट्रेन या स्टेशन पर गाने सुनने हैं या वीडियो देखने हैं, तो वह ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करे। ऐसा करने से न केवल सहयात्रियों को शांति मिलेगी, बल्कि किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई और जुर्माने से भी बचा जा सकेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here