पेंशन व पीएफ के लिए रिटायर्ड कर्मचारी से मांगी गई थी 40 हजार की रिश्वत
झांसी। सरकार पर धब्बा लगा रहे भ्रष्टाचार में लिप्त घूसखोर कर्मचारियों / अफसरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एंटी करप्शन टीम ने लोक निर्माण विभाग खंड तीन के वरिष्ठ लिपिक को बीस हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल मंगलवार सुबह एंटी करप्शन टीम कचहरी चौराहा के निकट स्थित लोक निर्माण विभाग के खंड तीन कार्यालय पहुंची। जहां टीम ने वरिष्ठ लिपिक संतोष निरंजन को दबोच लिया और उसकी जेब से रिश्वत के बीस हजार रुपए की गड्डी भी बरामद कर ली। यह रिश्वत की रकम एक सेवानिवृत कर्मचारी से पेंशन को लेकर मांगी गई थी। रिश्वत न देने पर पीड़ित को चक्कर कटवाए जाते थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग को दी थी।
शिकायत की गोपनीय जांच करने के बाद योजना बना कर मंगलवार को टीम ने अपना जाल बिछा कर भ्रष्ट वरिष्ठ लिपिक को रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया। वरिष्ठ लिपिक के पकड़े जाने पर पूरे कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।
बताया गया है कि शिकायत कर्ता राजेंद्र कुमार निवासी आईटीआई के पीछे सीपरी बाजार के पिता 31 अक्टूबर 2025 रिटायर्ड हुए थे। उनका पीएफ का पैसा और पेंशन पास कराने के लिए चालीस हजार की रिश्वत मांगी गई थी। जिसमें से आज पीड़ित ने बीस हजार रुपए दिए वरिष्ठ लिपिक को दिए थे। जिस पर तत्काल एंटी करप्शन टीम ने वरिष्ठ लिपिक को तत्काल रिश्वत लेते दबोच लिया।













