13 घायलों में से 9 घायलों हालत गम्भीर
झांसी। शनिवार सुबह लगभग 4 बजे जिले के गुरसरांय थाना क्षेत्र में डॉ. राम मनोहर लोहिया महिला महाविद्यालय के पास ट्रक की टक्कर से आटो के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण सड़क हादसे में आटो सवार दुल्हन के चचेरे भाई-बहन और पंडित की मौत हो गई जबकि परिवार के 13 लोग घायल हो गए। सभी सगाई करके ऑटो से घर लौट रहे थे। सामने से तेज गति से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक लेकर भाग गया।
दरअसल, झांसी के गुरसराय थाना क्षेत्र के कैरोखर गांव निवासी चिरंजीलाल कोरी के छोटे भाई राकेश की बेटी रानी की शादी गरौठा के बंगरा बिरौना गांव में तय हुई थी। शुक्रवार को गुरसराय के विनीत पैलेस में सगाई समारोह था। इस कार्यक्रम में परिजन और रिश्तेदार आदि गए थे। रात लगभग 10:30 बजे तक गोद भराई, फलदान और सगाई की रस्म समाप्त हो गई तो सभी लोग घर के लिए रवाना हो गए।
दुल्हन रानी और उसके माता-पिता गुरसराय के घर पर रुक गए। बाकी परिवार वालों को रानी का चचेरा भाई नारायण दास अपने ऑटो से गांव ले जा रहा था। ऑटो में 16 लोग सवार थे। रात लगभग 11 बजे ऑटो गुरसराय से 2 किलोमीटर दूर डॉ. राम मनोहर लोहिया महिला महाविद्यालय के पास पहुंचा तो सामने से तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए।
इस घटनाक्रम में दुल्हन की चचेरी बहन जानकी गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सगाई कराने गए गांव के पंडित सीता रमैया गौतम (60) ने भी मौके पर दम तोड़ दिया। हादसे में दो बच्चे समेत 13 लोग घायल हो गए। दुल्हन के चचेरे भाई और ऑटो चालक नारायण दास (40) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रानी की सगाई के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन खुशियां मातम में बदल गईं।
13 घायलों में से 9 घायलों हालत गम्भीर
13 घायलों में से 9 की स्थिति गंभीर है। इनमें जगवती (60), मन्नू (70), जयकुंवर (50), शीला देवी (40), हीरादेवी (40), शिवानी (18) और कल्लू पाल (22) का झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। वहीं पार्वती (39) की हालत बेहद गंभीर बनी है। उन्हें झांसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। द्रौपदी (26), जैश (7), सचिन (3), रामवती (60) और अरविंद (20) का इलाज गुरसराय सीएचसी में चल रहा है।
बताया गया है कि दुल्हन का चचेरा भाई नारायण दास ऑटो चलाता था। उसके दो अविवाहित बेटे सौरव और गौरव हैं। हादसे में नारायण की पत्नी पार्वती, मां मन्नू और चाची शीला देवी घायल हैं।
मृतक चचेरी बहन जानकी दो बहनों में छोटी थी। बड़ी बहन किरण की शादी हो चुकी है। एक भाई अरविंद अविवाहित है। जानकी के पिता लालाराम कोरी की 12 साल पहले मौत हो चुकी है। जानकी की मां जयकुंवर घायल हैं।
मृतक सीता रमैया गांव के पंडित थे। शादी समेत अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराते थे। उनके दो बेटे सत्यम और शिवम हैं। सत्यम का रिश्ता तय हो चुका है। दो महीने बाद उसकी शादी होनी है, जबकि छोटा बेटा शिवम पढ़ता है।














