भ्रष्टाचार और बेईमानी के खिलाफ सशक्त आवाज बनकर उभरी फिल्म ‘ढीठ
मुम्बई। भ्रष्टाचार और बेईमानी के खिलाफ सशक्त आवाज बनकर उभरी फिल्म ‘ढीठ इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की खूब सराहना बटोर रही है। फिल्म के रिलीज होते ही चर्चा का केंद्र बन गई है। अपनी गंभीर विषयवस्तु, धारदार संवाद और यथार्थपरक प्रस्तुति के कारण यह फिल्म फिल्म दर्शकों को गहराई से प्रभावित कर रही है ।
यह फिल्म देश के ईमानदार इंजीनियर सत्येंद्र दुबे की अनकही और दर्दनाक कहानी को बड़े प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर प्रस्तुत करती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी। फिल्म में सत्ता, सिस्टम और माफिया गठजोड़ की काली सच्चाई को बेबाकी से उजागर किया गया है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।
फिल्म का निर्माण राजेश राजा गुप्ता ने किया है, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी चंदन कश्यप ने निभाई l
फिल्म का निर्माण राजेश राजा गुप्ता ने किया है, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी चंदन कश्यप ने निभाई है। निर्देशन में संवेदनशीलता और मजबूत दृष्टिकोण साफ झलकता है। स्टेज प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट हेड के रूप में धर्मेंद्र सिंह और क्रिएटिव डायरेक्टर देव सिंह ने फिल्म को प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अशोक कुमार पांडा ने की है, जिन्होंने हर दृश्य को यथार्थ और प्रभावपूर्ण बनाने में सफलता पाई है। फिल्म की स्टारकास्ट भी इसकी बड़ी ताकत है। इसमें मनु के. कृष्णा, श्रुति राव, धर्मेंद्र सिंह, चंदन कश्यप, संदीप यादव, विद्या सिंह, राम सुजान सिंह, अमित शुक्ला, आरिफ शहडोली, नूर अहमद, कपिल तिलहरी, शरद राज सिंह और बृजभूषण शुक्ला जैसे कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से कहानी को जीवंत बना दिया है।
अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सत्येंद्र दुबे’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक चेतावनी, एक सवाल और एक जन-आंदोलन की तरह सामने आती है। स्टेज ओटीटी पर इसे मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया यह साबित करती है कि गंभीर और मुद्दा-आधारित सिनेमा आज भी दर्शकों को गहराई से जोड़ने की ताकत रखता है।














