मंडल रेल चिकित्सालय झांसी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की
झांसी। मंडल रेल चिकित्सालय झांसी ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए नवीनतम तकनीक से एक अत्यंत जटिल एवं तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कुलदीप स्वरूप मिश्रा के मार्गदर्शन में चिकित्सालय की अनुभवी ऑर्थोपेडिक टीम द्वारा 49 वर्षीय एक ट्रैकमैन कर्मचारी, जो रेल ट्रैक पर कार्य के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर चलने में असमर्थ हो गया था, के बाएं पैर का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
दरअसल, घायल कर्मचारी को उपचार हेतु मंडल रेल चिकित्सालय झांसी लाया गया, जहाँ विस्तृत चिकित्सकीय जांच एवं MRI के उपरांत यह पाया गया कि उनके बाएं पैर में हैगलंड डिफॉर्मिटी के साथ टेंडो अकिलीज़ टेंडन एवल्शन एवं रप्चर की गंभीर समस्या है। इस स्थिति में त्वरित एवं अत्यंत कुशल शल्यक्रिया की आवश्यकता थी।
ऑर्थोपेडिक टीम द्वारा नवीनतम तकनीक – “Correction of Haglund Deformity and Tendoachilles Tendon Repair by Suture Anchors” का उपयोग करते हुए सफल ऑपरेशन किया गया। शल्य क्रिया के दौरान टाइटेनियम सूचर एंकर एवं फाइबर वायर की सहायता से टेंडन को हड्डी से पुनः मजबूती से जोड़ा गया। यह सर्जरी अत्यंत जटिल एवं तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण थी, जिसे ऑर्थोपेडिक टीम ने उत्कृष्ट दक्षता एवं सकारात्मक परिणामों के साथ संपन्न किया।
यह सफल शल्यक्रिया वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी (ऑर्थोपेडिक) डॉ. योगेश कुमार कुशवाहा द्वारा की गई, जिसमें एनेस्थेटिस्ट डॉ. सुरेन्द्र जैन, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सिस्टर ब्राईटन, तथा सहयोगी स्टाफ मुकेश यादव, श्योराज सिंह, मनोज लोढ़ा, ड्रेसर दशरथ, माथुर दोहरे एवं सलीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऑपरेशन के पश्चात मरीज की स्थिति संतोषजनक है। मरीज एवं उनके परिजन इस सफल उपचार से अत्यंत प्रसन्न हैं तथा उन्होंने मंडल रेल चिकित्सालय झांसी एवं रेल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
यह उपलब्धि मंडल रेल चिकित्सालय झाँसी की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यकुशलता को दर्शाती है तथा रेल कर्मचारियों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।














