बबीना विधायक ने जागरूकता रथ को झंडी दिखा कर किया रवाना
झांसी । पूरे देश में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें झांसी जनपद में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोगी बुंदेलखंड सेवा संस्थान ने बाल विवाह रोकथाम और झांसी को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जागरूकता रथ यात्रा शुरू की गई। रथ यात्रा को बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह यात्रा 1 माह में झांसी शहर, धर्म स्थलों, स्कूल/ कॉलेजों एवं बबीना, बड़ागांव के गांव से निकल कर समुदाय के जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नेता, महिला लीडर, युवा, धर्मगुरु, एवं जन मानस को भागीदार बनाकर बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाएगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बबीना विधायक राजीव पारीछा ने कहा कि बाल विवाह एक कानूनी और सामाजिक अपराध है, और इसे रोकने के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की कि इस मुहिम में जुड़कर झांसी को बाल विवाह मुक्त बनाने में सहयोग दें और अपने परिवार, समाज और देश के भविष्य को सुरक्षित बनाएं।
सिद्धेश्वर मंदिर के आचार्य पं हरी ओम पाठक और अविनाश आचार्य जी ने बाल विवाह मुक्त झांसी बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों की उम्र 18 साल और लड़कों की 21 साल होने पर ही शादी करनी चाहिए, और बेटियों को पढ़ाने पर पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और समाज में सम्मानित जीवन जी सकें।
इस रथ यात्रा में गौसेवा आयोग उत्तर प्रदेश सरकार के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने भी बाल विवाह की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है जो बच्चों के भविष्य को नष्ट कर देता है। प्रशासन की ओर से वन स्टॉप सेंटर और रेलवे चाइल्डलाइन ने भी इस मुहिम में शामिल हुए और लोगों से अपील की कि वे बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाएं।
बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान के सचिव बासुदेव सिंह ने बताया कि बाल विवाह बच्चों से उनका बचपन छीन लेता है और बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा और उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य देना होगा।














