दतिया में हुआ साहू राठौर समाज का महासंगम, सामाजिक कुरीतियों पर भी हुआ चिंतन
दतिया मप्र। संगठन में ही शक्ति है के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए दतिया में तेली साहू राठौर समाज की ऐतिहासिक प्रदेश स्तरीय सामाजिक चिंतन बैठक संपन्न हुई।
दतिया के समाज के गौरव दिनेश सिल्लन साहू के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के सामाजिक संगठनों के 400 से अधिक प्रतिनिधियों सहित युवा, वरिष्ठ समाजसेवी, मातृशक्ति ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया। बैठक को दो मुख्य वैचारिक सत्रों में विभाजित किया गया था, प्रथम सत्र मे में दहेज प्रथा, प्री-वेडिंग शूट जैसी फिजूलखर्ची, अंधविश्वास और मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों को त्यागने का संकल्प लिया गया। समाज में बढ़ते वैवाहिक विच्छेदों पर चिंता जताते हुए संस्कारों और वरिष्ठों के सम्मान पर जोर दिया गया। साथ ही, साहू-राठौर समाज की विभिन्न उप-जातियों के बीच ‘रोटी-बेटी’ के संबंध मजबूत करने का आह्वान हुआ।
दूसरा सत्र में समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने, महिलाओं को मुख्यधारा में लाने और आने वाली पीढ़ी को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर गंभीर चर्चा करते हुए सभी ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए।
बैठक में शामिल मुख्य राजनीतिक और सामाजिक चेहरों ने समाज के लिए अपने अपने दृष्टिकोण साझा किए, जिनमें प्रमुख विवेक बंटी साहू (सांसद, छिंदवाड़ा) ने कहा की राजनीतिक चेतना ही समाज के उत्थान का द्वार है। साहू समाज को अब केवल मतदाता नहीं, बल्कि निर्णायक की भूमिका में आना होगा। जब हम संगठित होकर अपनी संख्या बल का अहसास कराएंगे, तब हर राजनीतिक दल हमारी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने को मजबूर होगा। युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
रामनिवास शाह (विधायक, सिंगरौली) ने कहा की सामाजिक सुधार और राजनीति एक-दूसरे के पूरक हैं। हमें शिक्षित और व्यसनमुक्त समाज का निर्माण करना होगा ताकि हमारे प्रतिनिधि गर्व के साथ सदन में समाज की बात रख सकें। एकता ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है, और आज दतिया की यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि हम बदलाव के लिए तैयार हैं।
रविकरण साहू (पूर्व कैबिनेट मंत्री, अध्यक्ष तेल घानी बोर्ड जबलपुर ने कहां की इतिहास गवाह है कि जो समाज अपनी जड़ों और अपनी विरासत (माता कर्मा के आदर्शों) से जुड़ा रहता है, वही प्रगति करता है। हमें उप-जातियों के भेदों को भुलाकर ‘एक जाजम पर आना होगा। सांगठनात्मक मजबूती ही हमें सत्ता के गलियारों में सम्मानजनक स्थान दिलाएगी।
गुलाब सिंह गोल्हानी ने कहां की मध्य प्रदेश के विकास और विभिन्न सामाजिक व संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हम सभी अपने-अपने स्तर पर प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि यदि हम सभी विभिन्न संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष आपसी समन्वय और सहयोग के साथ आगे बढ़ें, तो हम सामूहिक रूप से समाज और अपने प्रदेश के हितों के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकते हैं।
नरेंद्र साहू (डबरा) प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें जागरूक करने का आह्वान करना होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ माता कर्मा के पूजन से हुआ। इस अवसर पर सत्येंद्र साहू द्वारा लिखित पुस्तक ‘ने करो एक’ का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। मंच का संचालन श्रीराम साहू पत्रकार और शम्भू दयाल साहू ने किया।
कार्यक्रम में राजस्थान से राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल राठौर, अशोक राठौर राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनेतिक प्रकोष्ठ, आर.टी.एस.एम, अशोक साहू गांगीवाड़ा राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष, सुनील साहू राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरावती महाराष्ट्र अ.भा.तैलिक साहू राठौर महासभा, इंदौर से प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती भावना साहू, एडवोकेट तेली पुरुषोत्तम गुप्ता, किशोर कुमार लहरपुरे, एन.एल.साहू, नितिन साहू एवं उनकी टीम (छिंदवाड़ा), तुषार साहू एवं टीम (छत्तीसगढ़), रितेश शाह (सिंगरौली), गणेश राम साहू, मेवालाल साहू, कैलाश साहू, विकास साहू ग्वालियर, राजकुमार साहू , सतीश साहू, दीनू साहू, बद्री साहू, अरविन्द साहू, राकेश साहू, नरेंद्र नरेला इंदौर, मंजु साहू, लली पंडियार साहू, आरती साहू, रानी साहू सिरोंज सहित कई दिग्गज शामिल हुए। अंत में आयोजक दिनेश सिल्लन साहू ने आभार व्यक्त किया।
आयोजित कार्यक्रम का मीडिया प्रसारण संतोष राज, श्रीराम साहू पत्रकार एवं मनेश साहू के द्वारा किया गया। सभी के उत्कृष्ट समन्वय और तकनीकी कौशल के कारण कार्यक्रम की कवरेज व्यापक स्तर पर सफलतापूर्वक प्रसारित हुई।














