झांसी । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद बलिदान दिवस की पूर्व संध्या पर 26 फरवरी 2026 को रामराजा सरकार के पावन धाम – बुन्देलखण्ड के पवित्र नगर ओरछा के बुंदेली फार्म रिसॉर्ट में आयोजित युवनाद – प्रतिभा, व्यक्तित्व एवं सेवा सम्मान समारोह में झांसी उप्र के जरबौ गाँव के चर्चित युवा लेखक, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के बुंदेलखंडी शोधार्थी सत्याग्रही, बुंदेली-बुंदेलखंड अधिकार कार्यकर्त्ता, इतिहासकार, किसान विमर्श और नरवाद / पुरुष विमर्श के सिद्धांतकार किसान गिरजाशंकर कुशवाहा ‘कुशराज’ को साहित्य और शोध लेखन में उल्लेखनीय योगदान हेतु अनंत श्री विभूषित पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के द्वारा युवनाद सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया।
इस दौरान राष्ट्रीय कवि सुमित ओरछा की मंगल संकल्पना और संयोजन में बुन्देलखण्ड के साहित्य, संस्कृति, समाजसेवा, धर्म और राजनीति क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली प्रतिभाओं के सम्मान के साथ ही पंच परिवर्तन आग्रह सवांद और धन्य धन्य बुन्देल धरा – सम्मिश्रण शैली में बुंदेलखंड की समग्र गौरवगाथा का मंचन हुआ।
इस अवसर पर आचार्य देवव्रत, अर्पितदास महाराज, प्रो. पुनीत बिसारिया, डॉ. मुहम्मद नईम, सुधीर सिंह, अंजली शर्मा, हितेश विश्वा सहित कई विशिष्ट विभूतियाँ और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विगत 23-24 फरवरी को बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी में कला संकाय, हिंदी विभाग, महिला अध्ययन केन्द्र एवं बुन्देली विरासत दीर्घा, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में प्रो. पुनीत बिसारिया के संयोजन में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ एवं भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से आयोजित ‘बुन्देलखण्ड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम’ विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कुशराज को रामभक्त लेखक सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। इन्होंने ‘बुन्देलखण्ड में रामकथा की व्यापकता’ नामक शोधपत्र का वाचन किया। जिसे ‘बुन्देलखण्ड में प्रभु श्रीराम’ ग्रंथ में शामिल किया गया है, जिसका विमोचन संगोष्ठी के समापन समारोह में हुआ।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय, शरद आलोक, डॉ. अमिता दुबे, प्रो. राजेश श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र कुमार, राजबहादुर, धीरेंद्र श्रीवास्तव, संजय अनंत, प्रो. बहादुर सिंह परमार, प्रो. नवेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. शरद सिंह, डॉ. रामशंकर भारती, प्रो. वीरेन्द्र यादव, डॉ. मुहम्मद नईम, डॉ. दीनानाथ मौर्य, डॉ. यतेंद्र सिंह कुशवाहा, आरिफ शहडोली, अनुज सिंह यादव, दीपक नामदेव, अनुज पाल ‘सार्थक’, शिवम हरि सहित प्राध्यापकगण, शोधार्थी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।














