जाखलौन स्टेशन पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली की सफलतापूर्वक कमीशनिंग

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मंडल रेल प्रबंधक द्वारा ललितपुर स्टेशन  का विस्तृत निरीक्षण

झांसी। 14 मार्च को मंडल रेल प्रबंधक अनिरूद्ध कुमार द्वारा ललितपुर स्टेशन तथा जाखलौन यार्ड में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित ललितपुर स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, स्टेशन पर आने-जाने के मार्ग, सर्कुलेटिंग एरिया एवं सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को समुचित सुधार एवं रखरखाव हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। ललितपुर से प्रस्थान कर मंडल रेल प्रबंधक सड़क मार्ग से जाखलौन पहुंचे तथा यार्ड में चल रहे नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की समीक्षा की I

झांसी रेल मंडल के जाखलौन रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग के अंतर्गत आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का कार्य 14 मार्च को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस कार्य के पूरा होने से स्टेशन पर सिग्नलिंग प्रणाली को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया गया है।

इस परियोजना के अंतर्गत स्टेशन पर पूर्व में स्थापित पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को हटाकर केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है। नई प्रणाली के माध्यम से स्टेशन पर ट्रेन संचालन को अधिक सरल, तेज और सुरक्षित बनाया गया है। इसके तहत कुल 32 पॉइंट मशीनें, 32 मुख्य सिग्नल, 3 कॉलिंग-ऑन सिग्नल, 109 रूट तथा 71 डीसी ट्रैक सर्किट को इस प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे ट्रेनों के आवागमन का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।

इसके अतिरिक्त 10 डिपेंडेंट शंट सिग्नल और 12 इंडिपेंडेंट शंट सिग्नल भी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के माध्यम से नियंत्रित किए जा रहे हैं। संचालन को और अधिक सुगम बनाने के लिए डबल वी.डी.यू. आधारित नियंत्रण प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाइन निगरानी के लिए डेटा लॉगर स्थापित किया गया है, जबकि साइडिंग में  एमएसडीएसी तथा ब्लॉक संचालन के लिए ब्लॉक पैनल भी लगाए गए हैं।

सिस्टम की विश्वसनीयता और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टैटकॉन आईपीएस के साथ मेंटेनेंस वी.डी.यू., ए क्लास प्रोटेक्शन तथा रिंग अर्थिंग जैसी उन्नत व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही इस परियोजना के अंतर्गत एक शंटिंग नेक, दो लॉन्ग हॉल लाइन तथा तीन पीक्यूआरएस लाइन भी कमीशन की गई हैं। नई प्रणाली के संचालन से पूर्व ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटिंग तथा सिग्नल एवं दूरसंचार कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और काउंसलिंग भी प्रदान की गई।

मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रणाली के लागू होने से जाखलौन स्टेशन पर ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित, सुचारु और विश्वसनीय हो सकेगा। साथ ही यार्ड रिमॉडलिंग तथा तीसरी लाइन के विकास से इस खंड पर रेल यातायात की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे भविष्य में यात्रियों और मालगाड़ियों के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

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