झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश गरौठा कनिष्क सिंह के न्यायालय में हत्या का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त पति छिदामी लाल अहिरवार निवासी मढ़ईयन भगवन्तपुरा थाना गरौठा को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) देवेश श्रीवास्तव के अनुसार वादी रानू अहिरवार ने 3 अक्टूबर 2024 को गरौठा पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह खाना खाकर अपने कमरे में तथा उसके पिता छिदामी लाल व माँ मीरा देवी (40) मकान के आगे वाले कमरे में लेटे हुए थे। पिता 4 माह पहले दिल्ली में काम करते समय फ्रैक्चर होने की वजह से इलाज के लिए घर आए थे। शाम से ही उसके पिता व माँ में जेब खर्च और घर के हिसाब को लेकर लड़ाई हो रही थी। उसकी माँ मजदूरी करती है और उन्हें किसान सम्मान निधि का पैसा भी मिलता था। पिता पैसों की माँग करते हैं और न देने पर मारपीट करते हैं। रात को अचानक माँ के कमरे से चिल्लाने की आवाज आयी। वह दौड़कर मां के कमरे में गया, तो देखा पिता चारपायी पर पड़ी माँ के सिर पर कुल्हाड़ी मार रहे थे। माँ खून से लथपथ थी। चाचा भी अपने कमरे से आ गए। जब उसने डाँटा तो पिता कुल्हाड़ी लेकर बाहर चले गए। माँ की गम्भीर हालत में सरकारी अस्पताल गुरंसराय ले गए, जहाँ से मेडिकल कॉलिज में रिफर कर दिया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी।
पुलिस ने आरोपी पति छिदामी लाल अहिरवार के खिलाफ धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने बहस, गवाही व साक्ष्य के बाद पति को हत्या का दोषी पाया। इस मामले में अभियुक्त पति छिदामी लाल अहिरवार को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।













