हत्या का दोष सिद्ध होने पर नौकर को उम्र कैद व अर्थदण्ड

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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-1, सुनील कुमार यादव के न्यायालय में दो वर्ष पूर्व मालिक की हत्या करने का दोष सिद्ध होने पर नौकर को आजीवन कारावास की सजा व 63 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रवि प्रकाश गोस्वामी के अनुसार वादी मुकदमा हनीफ मलिक निवासी जामिया ओखला, नईदिल्ली ने 29 जुलाई 2024 को थाना कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया था कि कस्बा शाहपुर मुजफ्फरनगर निवासी उसका छोटा भाई युसुफ मलिक का बेटा आबिद मलिक अपने एक नौकर वसीम के साथ झांसी में आकर प्लास्टिक के सामान की सेल लगाकर व्यापार करता था, ये दोनों लोग अशफाक अहमद के तलैया मोहल्ला स्थित घर में किराये से रहते थे। 29 जुलाई 2024 की सुबह उसे फोन आया कि उसके भतीजे आबिद मालिक को किराये के मकान में किसी ने मारकर जला दिया है तथा उसका नौकर वसीम सुबह लगभग चार बजे ताला बन्द करके भाग गया है, उसको भागते हुए कई लोगों ने देखा है। वसीम उसके भतीजे आबिद की हत्या करके फरार हो गया। तहरीर के आधार पर अभियुक्त वसीम के विरूद्ध धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अन्तर्गत नामजद रिपोर्ट पंजीकृत की गयी। अभियुक्त वसीम के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाते हुए धारा-103(1), 238, 315, 317 (2) भारतीय न्याय संहिता, 2023, के अन्तर्गत आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।

न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर यह कि दोषसिद्ध अपराधी वसीम पुत्र मुन्तियाज, निवासी कस्बा व थाना शाहपुर मुजफ्फरनगर धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता-2023 के अपराध के लिए कठोर आजीवन कारावास और 50 हजार रूपये अर्थदण्ड, अर्थदण्ड न देने पर 03 माह के अतिरिक्त कारावास, धारा-238 भारतीय न्याय संहिता-2023 के अपराध के लिए पाँच साल के कठोर कारावास और 05 हजार रूपये अर्थदण्ड, अर्थदण्ड न देने पर 01 माह के अतिरिक्त कारावास, धारा 315 भारतीय न्याय संहिता-2023 के अपराध के लिए पाँच साल के कठोर कारावास 05 हजार रूपये अर्थदण्ड, अर्थदण्ड न देने पर 01 माह के अतिरिक्त कारावास, धारा 317 (2) भारतीय न्याय संहिता-2023 के अपराध के लिए दो साल के कठोर कारावास और 03 हजार रूपये अर्थदण्ड, अर्थदण्ड न देने पर 15 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।

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