झांसी। हर किसी के जेहन में सवाल है कि उसे ऐसा क्या हुआ था कि उसे जो मिला उससे कहा ‘आखिरी बार मिल लो, कल से नहीं दिखूँगा’। पिता से मिलने पहुंचे पुत्र ने कमरे में जाकर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।
झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम नादपुरा निवासी कौशल सेन (35) पुत्र खुशीराम झांसी के शिवाजी नगर में एक सैलून चलाता था। वह पत्नी व परिजन के साथ शिवाजी नगर में ही रहता था। गुरुवार रात को वह पिता से मिलने गाँव गया था, लेकिन उसके पिता घर में ताला लगा कर कहीं गए थे। कौशल ने पिता के लौट कर आने का इंतजार किए बिना आवेश में ताला तोड़ा और घर में दाखिल हो गया। इसके बाद उसे किसी ने नहीं देखा।
जब देर शादी रात उसके पिता वापस लौटे तो दरवाजा अन्दर से बन्द था। उन्होंने किसी प्रकार से दरवाजा खोल कर देखा तो अन्दर कौशल का शव फन्दे पर लटका दिखाई दिया। सूचना मिलने पर आसपास के लोग व पुलिस आ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि जब वह गांव आया था तो उससे गांव के कुछ लोग मिले और कहा कि बहुत दिनों बाद दिखाई दिए तो उसने उनसे कहा था कि ‘आखिरी बार मिल लो, कल से नहीं दिखूँगा’। उसके इस जुमले को लोगों ने मज़ाक में लिया।
कौशल ने आत्महत्या क्यों की, परिजन इससे अनभिज्ञता जताते रहे। कौशल की पत्नी एवं दो बेटे कृष्णा (14) व देव (12) हैं। परिजनों का रोल रो कर बुरा हाल है।













