श्रीकृष्ण जन्म भूमि पर भव्य मंदिर बनवाया जाए

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झांसी। विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति के निर्देश पर धर्माचार्य प्रदेश प्रमुख आचार्य हरिओम पाठक के नेतृत्व में महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन देकर मांग की गई कि हमारे आराध्य भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा को मुक्त करा कर उसके स्थान पर भव्य मंदिर बनवाया जाए।

ज्ञापन में बताया गया है कि श्रीकृष्ण के जन्म स्थान पर कूट रचित योजना बनाकर, कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया था, जबकि वह 13, 37 एकड़ भूमि श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने वैधानिक विधि से रजिस्टर्ड कराके खरीदी थी। किंतु कुछ अराजक तत्वों द्वारा उसके एक भाग पर अवैधानिक रूप से जबरन ताकत से अतिक्रमण करके ईदगाह बना लिया था। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि प्रदेश सरकार किसी भी अतिक्रमण पर बुलडोजर चला कर हटा सकती है जिसे कोर्ट में भी चैलेंज नहीं किया जा सकता। भले ही कूट रचना से उसे विवादित घोषित करने का कुचक्र रचा गया हो।

महंत हरिओम पाठक ने बताया कि यह स्थान मूल श्रीकृष्ण जन्म स्थान है जिसके लिखित दस्तावेज उपलब्ध है, ऐतिहासिक प्रमाण में तो कृष्ण के पौत्र बज्रनाभ ने अपने पितामह श्रीकृष्ण के जन्म स्थान इस कंस की जेल में मंदिर बनाया था जिसे विदेशी आक्रांत ने तोड़ दिया था। फिर राजा विक्रमादित्य जी ने उसी स्थान पर मंदिर बनवाया जिसे गजनवी ने तोड़ दिया । तीसरी बार ओरछा नरेश वीरसिंह जू देव बुंदेला ने यहां भव्य व विशाल श्री कृष्ण जन्मभूमि पर श्री केशवदेव कृष्ण मंदिर बनवाया। समकालीन पर्यटकों द्वारा लिखा गया कि जो उत्तर भारत का सबसे ऊंचा और सुंदर बड़ा मंदिर था जिसे औरंगजेव ने तोड़ा था। उस खंडहर को सन 1815 ई0 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा की गई नीलामी में बनारस के उद्योगपति पटनीमल ने खरीद ली थी, जिस पर 1935 में उच्च न्यायालय ने 13,37 एकड़ जमीन का मालिकाना हक राय किशन दास के नाम किया था। जिसे 8 फरवरी 1944 को उद्योगपति राजा बलदेव दास बिड़ला एवं उनके पुत्र जुगल किशोर बिड़ला ने यह जमीन राय किशन दास से खरीद ली, 21 फरवरी 1951 को बिड़ला ने श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की स्थापना की, उस पर भव्य मंदिर बनवाया , किंतु उसी जमीन के एक भाग पर मुसलमानों ने जबरन अतिक्रमण कर बाउंड्री बनाकर ईदगाह नाम देने का षड्यंत किया, तत्कालीन केंद्र सरकार ने मुस्लिमों के दवाब में आकर एक काला कानून बनाकर इस ढांचे को बचाने में मदद की जो भारत के संविधान के विरुद्ध किसी दूसरे धर्म की भूमि पर अतिक्रमण को संरक्षण देती है जो अवैद्य है।

ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने बताया कि योगी सरकार इस अतिक्रमण पर बुलडोजर चला सकती है। विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता है कि कानूनी सलाह लेकर, तथा पूर्व के काले कानून को संसद में बदलकर इस अतिक्रमण को ध्वस्त कर श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपने का काम करे। जिससे हमारे आराध्य की उस स्थान पर पूजा हो सके, भव्य मंदिर बने । अन्यथा पूरा हिंदू समाज अपने संतों के आदेश मिलने पर कारसेवा करने को स्वतंत्र होगा । इस अवसर पर प्रदेश मंत्री संतोष सिंह खरेला, मंडल प्रभारी संतराम पेंटर , जिलाध्यक्ष मोहित सिंह परिहार, सोनू ठाकुर, राम अवतार, चंद्रसेन वर्मा, संदीप सिंह आदि उपस्थित रहे।

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