झांसी। श्री गौड़ बाबा सिद्धाश्रम प्रेमनगर में चल रही भागवत कथा करते हुए पं.नितिन कृष्ण महाराज ने परीक्षित का चरित्र श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध में कौरवों पांडवों के सारे पुत्रों का वध हो गया तब उनका एकमात्र वंशज अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रहा था। उस शिशु ने जब जन्म लिया तब उसका नाम राजा परीक्षित था।
कथा व्यास ने बताया कि राजा परीक्षित के जन्म के साथ शुकदेव जन्म की कथा भी श्रवण कराई उन्होंने कहा कि शुकदेव के जन्म और आगमन से ही भागवत कथा की वास्तविक धारा प्रवाहित होती है जिससे भक्तों को ज्ञान एवं भक्ति का संदेश मिलता है। भागवत ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य की कथा है भागवत कथा से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्ति हुई यही मोक्षदायनी है पूर्वजों के मोक्ष के लिए पितरों में भागवत श्रवण करें और संकल्प उन्हें समर्पित करें।
आज भागवत पूजन प्रदीप जिझोतिया, पं.मैथली शरण मुदगिल, पं.अनिल सुडेले, रामबाबू यादव नन्ना, प्रदीप पांडेय, पं.फूलचंद द्विवेदी, सतेंद्र तिवारी, श्यामेश वाजपेई महेंद्र कुशवाहा, प्रवीन शास्त्री, मयंक, आलोक शास्त्री, वेद प्रकाश शास्त्री, हरिओम महाराज आदि ने किया। संचालन पं.सियारामशरण चतुर्वेदी एवं आभार पं.विनोद चतुर्वेदी महाराज ने किया।














