क्षमता 13 सवारी की, अंदर 6 लोग थे, सुरक्षा मानकों पर सवाल
टीकमगढ़ संवाद सूत्र। उमरे के झांसी मंडल के टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो पर ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत दो महीने पहले लगी लगभग 90 लाख रुपए की लिफ्ट सोमवार रात 11 बजे अचानक नीचे गिर गई। यह लिफ्ट ऊपर उठते ही करीब 5 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरी, किंतु बड़ी घटना घटित नहीं हुई। इससे यात्रियों में दहशत फैल गई। संयोग से इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ। मंगलवार दोपहर रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त लिफ्ट में 6 से ज्यादा यात्री मौजूद थे, जो प्लेटफॉर्म-2 से प्लेटफॉर्म-1 पर जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े थे। यात्री प्रियम जैन, संदीप यादव, अभिषेक यादव और मनोज कुमार के मुताबिक, लिफ्ट अचानक नीचे गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। लिफ्ट नीचे लगे बफर स्प्रिंग में करीब 1 फीट नीचे जाकर फंस गई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।
अमृत भारत योजना के तहत टीकमगढ़ स्टेशन पर करीब 13 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य कराए गए हैं, जिनका वर्चुअली लोकार्पण 17 जुलाई को प्रधानमंत्री ने किया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे।
गुणवत्ता पर उठे सवाल, निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग
सूत्रों के अनुसार लिफ्ट की क्षमता 13 सवारी या 884 किग्रा वजन की है। इसके बावजूद लिफ्ट में 6 सवारी थी और फिर भी लिफ्ट गिर गई। इससे दो महीने में ही लिफ्ट गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।यात्रियों ने लिफ्ट की क्षमता, सेंसर, ब्रेकिंग सिस्टम व सुरक्षा मानकों की तकनीकी जांच कराने और निर्माण करने वाली जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है।
ओवरलोडिंग से हादसा, सेंसर अलार्म ने नहीं किया काम
घटना की सूचना मिलने पर ललितपुर से सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) पुरुषोत्तम मीणा जांच के लिए टीकमगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा- “क्षमता से अधिक भार होने (ओवरवेट) के कारण लिफ्ट नीचे गिरी। इस दौरान ओवरलोड का सेंसर अलार्म काम नहीं कर पाया। जांच के बाद अब लिफ्ट दुरुस्त कर दी गई है और वह सही तरीके से काम कर रही है।”
यात्रियों ने लिफ्ट की क्षमता, सेंसर, ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों की तकनीकी जांच कराने और निर्माण करने वाली जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है।














