झांसी। बबीना के जौनपुर में ससुराल पत्नी को विदा कराने गए 22 वर्षीय संगम राजपूत की ज़हर से मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव खजराहा खुर्द गांव पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और शव को लेकर भेल चौक पर पहुंचे। सड़क जाम करते हुए हंगामा किया।
परिजनों का आरोप है कि संगम ने खुद जहर नहीं खाया, बल्कि उसकी ससुराल के लोगों ने जबरन जहर देकर उसकी हत्या की है। इसी आरोप को लेकर परिजन आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। शव सड़क पर रखकर जाम लगाए जाने से पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
सीओ सदर सिमरन सिंह ने परिजनों से बातचीत की। उन्होंने लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। उन्होंने जाम समाप्त कर दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
दरअसल खजराहा खुर्द निवासी संगम राजपूत पुत्र मुलायम सिंह की पत्नी दामिनी पिछले दो महीने से अपने मायके जौनपुर में रह रही थी। दोनों के बीच कुछ समय से घरेलू विवाद चल रहा था। गत दिवस संगम पत्नी को विदा कराने के लिए अपनी ससुराल जौनपुर गया हुआ था। वहां किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। कहा जाता है कि विवाद बढ़ने पर संगम ने अचानक अपनी जेब से जहरीला पदार्थ निकालकर ससुराल के बाहर खा लिया।
संगम की हालत बिगड़ते देख ससुराल के पड़ोसियों ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतक के भाई धीरेंद्र राजपूत ने ससुराल वालों पर संगीन आरोप लगाए। धीरेंद्र का कहना है कि संगम ने खुद जहर नहीं खाया, बल्कि ससुराल के लोगों ने विवाद के दौरान उसे जबरदस्ती जहर खिलाया है।
पीड़ित परिवार ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। उधर संगम की असमय मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।














