दूसरे गिरोह से बाइक बचाने को शिफ्ट में निगरानी करते थे
झांसी। पुलिस ने वाहन चोरों के एक शातिर गिरोह को गिरफ्तार कर विविध स्थलों से चोरी की 11 बाइक नवाबाद थाना क्षेत्र के कोछाभांवर इलाके में झाड़ियों से बरामद कर लिया। यह गिरोह बाइक चोरी के अलावा रात में ऑटो से दुकानों और सूने मकानों में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
गुरुवार को एसपी सिटी प्रीति सिंह ने मीडिया के सामने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बाइक चोरी की सूचनाएं लगातार मिल रही थीं। चोरों को पकड़ने के लिए टीम को लगाया था। इस बीच नवाबाद थाना पुलिस ने संदेह के आधार पर प्रेमनगर थाना क्षेत्र के हंसारी स्थित विजय नगर निवासी अभय राजा उर्फ मोगली वाल्मीकि पुत्र महेंद्र वाल्मीकि, उसके साथी सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की पाल कॉलोनी निवासी रविन्द्र पाल पुत्र रमेश पाल, नवाबाद थाना क्षेत्र की जेडीए कॉलोनी निवासी अजय खटीक पुत्र मनोज खटीक, एरच थाना क्षेत्र के ग्राम अचौसा निवासी जयपाल उर्फ मोनू पुत्र सूर्यपाल, सोमिल चौधरी पुत्र हरप्रसाद चौधरी, करेरा थाना क्षेत्र के ग्राम अडार निवासी मनोहर परिहार पुत्र हजरत परिहार व एक नाबालिग को हिरासत में लिया था।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गिरोह बनाकर झांसी शहर में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। उनकी निशानदेही पर नवाबाद थाना क्षेत्र के कोछाभांवर में दबिश दी गई, जहां झाड़ियों में छिपाकर रखी गईं 11 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं। एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य यस्सू भारती निवासी गुमनावारा, थाना नवाबाद फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि चोरों को अपनी चोरी की मोटरसाइकिल के चोरी हो जाने का भी डर रहता था। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि गैंग के सदस्य बारी-बारी से मोटरसाइकिल की निगरानी करते थे। जिन आरोपियों की निगरानी ड्यूटी नहीं होती थी, वे चोरी की वारदात को अंजाम देने निकल जाते थे। आरोपियों ने बताया कि वे मोटरसाइकिल के साथ-साथ दुकानों और सूने मकानों में भी चोरी करते थे। उनके पास से एक ऑटो भी बरामद हुई है, जिसका इस्तेमाल दिन में सवारी ढोने और रेकी के लिए किया जाता था। पुलिस ने उनके कब्जे से विश्वविद्यालय के पास स्थित एक दुकान से चोरी किया गया एलपीजी सिलेंडर, देशी तमंचे, कारतूस और ऑटो भी बरामद किया है।
14 साल का किशोर लाता था ग्राहक
पकड़े गए गिरोह में एक 14 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है, जिसे चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह व्हाट्सएप और मोबाइल में ली गई बाड़क की तस्वीरें दिखाकर सौदा तय कराता था। नाबालिग होने के कारण उस पर किसी को शक भी नहीं होता था।
गिरोह पर 38 मुकदमा, नाबालिग पर 5 केस
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए गिरोह के सदस्यों के खिलाफ झांसी के अलग-अलग थानों में कुल 38 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, इस गिरोह में शामिल नाबालिग के खिलाफ भी 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि ये मुकदमे केवल झांसी जिले के हैं, अन्य जिलों और प्रदेशों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही हैं।














