फर्जी कम्पनी का रजिस्ट्रेशन करा कर एक करोड़ के राजस्व का चूना लगाने वाला पकड़ा गया

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2 लैपटाप व एक मोबाइल फोन एवं 39 मोबाइल सिम बरामद

झांसी। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कम्पनी का रजिस्ट्रेशन कराकर जीएसटी टैक्स/लाभ प्राप्त करके करीब 01 करोड़ रुपए की राजकीय क्षति करने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे

राज्य कर अधिकारी खंड नम्बर चार अनिल कुमार ने 10 अगस्त 2025 को नवाबाद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि झांसी के तालपुरा चिक मोहल्ला में डीके इंटरप्राइजेज जिसके स्वामी हाथरस के सहपई निवासी दुर्गेश के नाम से जीएसटी टीन नंबर लेकर खुद को लाभअर्जित किया जा रहा है। उनकी इस नाम की कोई फर्म नहीं है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। विवेचना के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े में हरियाणा के नोहरिया निवासी वीरेंद्र कुमार का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को चिन्हित कर उनका मोबाइल सीडीआर निकाल कर साक्ष्य एकत्रित करने के बाद सरकार को फर्जी बिल, जीएसटी, टीन नंबर पर एक करोड़ रुपए के राजस्व का चूना लगाने वाले आरोपी वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

मामले में दौराने विवेचना मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित वीरेन्द्र कुमार से विस्तृत पूँछताँछ कर मु0अ0सं0 303/25 में फर्म डी०के० इण्टरप्राईजेज, ग्रासिम इन्डस्ट्रीज व के० जे० इन्टरप्राइजेज द्वारा बिना वास्तविक इनवर्ड सप्लाई के आउटवर्ड सप्लाई करते हुए रु०-5,38,64,328.00 के आउटवर्ड सम्व्यवहार से कर रु0-1,00,35,909.78 की आई०टी०सी० पासऑन की गई। जून-2025 में समस्त खरीद रु0-5,53,96,484, श्याम जी ट्रेडर्स, GSTN-09CMPPN8164N1Z0 से घोषित करते हुए CGST-50-51,28,968.00 एवं SGST रू0-51,28,968.00 की आई0टी0सी0 GSTR-3B में क्लेम्ड / अवेल की गई।

उक्त कम्पनियों को फर्जी दस्तावेज के आधार पर दर्ज कराया गया था, जिस मोबाइल से फर्म का रजिस्ट्रेशन हुआ था वह मोबाइल व इससे सम्बन्धित 02 अदद लैपटाप व एक अदद मोबाइल फोन एन्ड्रायड एवं 39 अदद मोबाइल सिम बरामद कर लिए। पूछताछ में वीरेंद्र ने बताया कि वह अपने परिचितों के नाम से नशा करने वालों को तीन सौ रुपया देकर अलग अलग मोबाइल सिम निकलवाता है और इन्हीं सिमों का दुरुपयोग वह फर्जी फर्म बनाने में करता है। उसने बताया कि इस कारोबार में ishu व sarkar नाम के लोग भी शामिल है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी फर्म के नाम से टैक्स चोरी कर खुद को आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। पुलिस ishu ओर sarkar की तलाश कर रही है।

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