आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता
चित्रकूट धाम कर्वी। 12176 चंबल चंबल एक्सप्रेस में यात्रारत युवती से बदौसा स्टेशन के पास मोबाइल छीन कर भागे बदमाश को आरपीएफ ने दबोच कर मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। इस घटनाक्रम में बदमाश से मोबाइल फोन बचाने को युवती चलती ट्रेन से गिर कर घायल हो गई थी।
दरअसल, 24 फरवरी को गाड़ी संख्या 12176 चंबल एक्सप्रेस में बदौसा स्टेशन के पास ट्रेन में एक युवती का मोबाइल फोन अज्ञात अपराधी छीन कर चलती ट्रेन से कूद गया था। युवती अपना मोबाइल फोन बचाने के चक्कर में बदमाश के पीछे कूद गई थी। इसमें युवती घायल हो गई थी। घायल युवती को उक्त गाड़ी से चित्रकूट धाम कर्वी स्टेशन लाया गया तथा रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक राजेंद्र कुमार एवं स्टाफ द्वारा एंबुलेंस बुलाकर जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था।
घटना के संबंध में आरोपी की गिरफ्तारी हेतु निरीक्षक राजेंद्र कुमार हमराह सहायक उपनिरीक्षक कमलेश कुमार तिवारी, हेड कांस्टेबल चंद्रशेखर एवं कांस्टेबल रज्जन प्रसाद पांडेय त्वरित कार्रवाई की गई। टीम घटना स्थल पर तत्काल पहुंची और जांच पड़ताल की तथा जीआरपी चित्रकूटधाम कर्वी, सर्विलांस प्रभारी (बांदा) उप निरीक्षक आनंद कुमार तथा सर्विलांस प्रभारी एम पी त्रिपाठी (चित्रकूट धाम कर्वी) से समन्वय करते हुए प्रयास किए गए।
इस दौरान मुखबिर खास से जानकारी प्राप्त होने पर टीम ने बदमाश का पीछा किया गया तथा घटनास्थल से कुछ दूरी पर भागने के मार्ग से घायल महिला के बताए हुलिया अनुसार फरार अपराधी का जैकेट बरामद हुआ जिसकी युवती द्वारा शिनाख्त की गई। इसके बाद मुखबिर के माध्यम से तथा बांदा जिले के संबंधित थानों के आरोपियों का विश्लेषण करने पर संदिग्ध के रूप में 02 व्यक्तियों का नाम अपराध में शामिल होने की संभावना पाई गई।
इस पर रेलवे सुरक्षा बल चित्रकूट धाम कर्वी के द्वारा जीआरपी से समन्वय करते हुए 02 संदिग्ध आरोपियों को 26 फरवरी को शिवरामपुर स्टेशन के पास से छीने गए मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान बदमाशों द्वारा फोन छीन कर चलती ट्रेन से कूदने का अपना अपराध स्वीकार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का नाम सलमान पुत्र मेहंदी हसन व पवन उर्फ ठोकिया पुत्र चिरांगू रैकवार निवासी जिला- बांदा, उत्तर प्रदेश बताया गया है। पकड़े गए आरोपियों को जीआरपी चित्रकूटधाम कर्वी द्वारा पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 09/ 2026 धारा 305 C/317(2)/3 (5) BNS से संबद्ध किया गया है।














