नई दिल्ली। भारतीय रेलवे, जिसे देश की जीवनरेखा कहा जाता है, उसकी असली धड़कन वे समर्पित कर्मयोगी हैं जो हर परिस्थिति में ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करते हैं—यानी ट्रेन मैनेजर। इन्हीं की भूमिका, समर्पण और संघर्ष को समर्पित ऐतिहासिक पुस्तक “रेल की धड़कन – ट्रेन मैनेजर” का प्रथम प्रति विमोचन एक गौरवपूर्ण क्षण बनकर सामने आया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय ट्रेन मैनेजरों के प्रतिनिधिमंडल ने रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से मुलाकात कर उनकी जिम्मेदारियों, बढ़ते कार्यभार और सहायक ट्रैन मैनेजर पद के समाप्त और ट्रेन मैनेजर का अपग्रेडेशन को विस्तार से प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने ट्रेन मैनेजरों के पद और वेतनमान के अपग्रेडेशन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
केन्द्रीय मंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना, पुस्तक की सराहना की और समस्याओं के समाधान का सकारात्मक आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में दीपक कुमार महामंत्री/AITMG, रोमेश चौबे कार्यकारी महामंत्री/AITMG, रोहित खटीक उपाध्यक्ष /AITMG
ने रेल राज्य मंत्री को कैडर की महत्वपूर्ण जानकारी 72 घंटे ड्यूटी, हेड क्वार्टर ओवर शूट जैसे मुद्दों पर भी बात की।












